मुरादाबाद में विवेचना के दौरान लापरवाही बरतने पर एसएसपी ने पाकबड़ा के दरोगा प्रमोद कुमार को निलंबित कर दिया। आरोप है कि दरोगा ने मारपीट की विवेचना में साक्ष्यों को नजरअंदाज कर दिया था। पाकबड़ा थाना क्षेत्र के रतनपुर कला निवासी मो. परवेज ने 6 जून को चार लोगों के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज कराया था।
आरोप था कि गांव के ही निजाम, उसके भाई उमर, जैनुल और शारिक ने मिलकर परवेज के भाई अजमल को लाठी-डंडे से पीटने के बाद धारदार हथियार से घायल कर दिया था। उसके सिर में गंभीर चोट आई थी। इस मामले में विवेचना उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार को सौंपी गई थी। आरोप है कि दरोगा प्रमोद कुमार ने जानबूझकर विवेचना में खेल किया।
एसएसपी सतपाल अंतिल को शिकायत मिली कि मारपीट के मुकदमे की विवेचना के दौरान पाकबड़ा के दरोगा ने एमआरआई रिपोर्ट के साक्ष्य को नजरंदाज कर दिया। इस मामले में डॉक्टर का भी बयान नहीं लिया गया। शिकायत मिलने के बाद एसएसपी ने लापरवाही पर दरोगा प्रमोद कुमार को निलंबित कर दिया।
जांच लटकाने पर दो चौकी इंचार्ज हो चुके निलंबित
इससे पहले मुरादाबाद में एक केस की विवेचना चार माह तक लटकाए रखना दो चौकी इंचार्जों को भारी पड़ गया था। एसएसपी सतपाल अंतिल मझोला थाने की जयंतीपुर के वर्तमान प्रभारी नरेंद्र कुमार और तत्कालीन प्रभारी पवन कुमार को निलंबित करते हुए दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
मझोला के जयंतीपुर में अप्रैल माह में 13 वर्षीय किशोर के साथ मारपीट की घटना हुई थी। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में आराेपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। उस वक्त पवन कुमार चौकी इंचार्ज थे। इसके बाद उनका ट्रांसफर आशियाना चौकी पर हाे गया था।
इनके बाद नरेंद्र कुमार चौकी इंचार्ज बनाए गए। दोनों चौकी इंचार्ज के समय में चार माह बीत गए लेकिन केस की विवेचना पूरी नहीं हुई। शिकायत मिलने पर एसएसपी ने सीओ से जांच कराई तो पता चला कि चौकी प्रभारियों ने इस मुकदमे की विवेचना को गंभीरता से नहीं लिया।
रिपोर्ट मिलने के बाद बृहस्पतिवार रात एसएसपी सतपाल अंतिल ने जयंतीपुर चौकी इंचार्ज और आशियाना चौकी प्रभारी पवन कुमार को निलंबित कर दिया है। दोनों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।