पंडित नगला बाइपास स्थित डिवाइडर से बाइक सवार प्रियांशु चौधरी (18) टकरा गया। गंभीर रूप से घायल होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार को उसकी मौत हो गई। युवक सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी के पहले दिन घर खाना खाने के लिए आ रहा था।
कुंदरकी थाने के मलीपुर महमूदानगला गांव निवासी प्रियांशु चौधरी (18) के पिता की दस साल पहले मौत हो गई थी। खेती की जमीन कम होने के कारण प्रियांशु की मां सविता चौधरी इकलौते बेटे को लेकर छह साल से गोविंदनगर में किराए का मकान लेकर रहने लगीं।
प्रियांशु की बड़ी बहन आरजू की शादी हो चुकी है। चाचा सुखवीर चौधरी ने बताया कि दो दिन पहले ही प्रियांशु को सिक्योरिटी कंपनी में गार्ड की नौकरी मिली थी। नौकरी के पहले दिन शनिवार की रात 11:30 बजे वह ड्यूटी से घर खाना खाने के लिए बाइक से लौट रहा था।
पंडित नगला बाइपास स्थित रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। रेलवे फाटक के दोनों तरफ सड़क पर बोल्डर जैसे डिवाइडर रखे हुए हैं। बाइक डिवाइडर से टकरा गई। पत्थर से प्रियांशु का सिर टकराने के बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ा।
उसने हेलमेट नहीं लगाया था। पुलिस ने घायल युवक को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया, जहां उसकी मौत हो गई। इकलौतेे बेटे की मौत से मां सदमे में है। थाना प्रभारी संजय कुमार पांचाल ने बताया कि बाइक डिवाइडर से टकराई है।
परिजनों के तहरीर देने पर दुर्घटना की जांच की जाएगी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।