कोतवाली थाना क्षेत्र के ठठेरा मोहल्ला में पीतल का कारखाना चलाने वाले 65 वर्षीय शब्बीर अहमद की उसके भांजे सलमान उर्फ शानू (22) ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी। मामा भांजे के परिवार एक ही मकान में रहते हैं। मामा का परिवार मकान की ऊपरी मंजिल और भांजे का परिवार भूतल पर रहता है।
जिस भांजे को उंगली पकड़ कर चलना सिखाया। उस भांजे ने ही आठ बाई दस गंज की बैठक के लिए अपने मामा को मौत के घाट उतार दिया। फरवरी से ही दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ था। इससे पहले दोनों परिवार मिलजुलकर रहते थे। शब्बीर अहमद और उसकी बहन का परिवार एक ही मकान में रहते हैं।
जो वक्फ बोर्ड की संपत्ति है। भूतल पर बनी आठ बाई दस की एक बैठक में शब्बीर पीतल का सामान रखते थे। भांजा सलमान उर्फ शानू इस बैठक पर कब्जा करना चाहता था। उसने इसी साल फरवरी में पहली बार अपने मामा से बैठक खाली कराने के लिए कहा था। कई बार उसने मामा से झगड़ा भी किया था।
इस मामले की शिकायत पुलिस के पास तक पहुंची थी लेकिन बहन बहनोई के बेटे होने के नाते शब्बीर ने उसे माफ कर दिया था लेकिन सलमान उर्फ शानू के मन में कुछ और ही चल रहा था।
सोमवार को जैसे ही शब्बीर सामान रखने के लिए कारखाने में पहुंची इसी दौरान वहां सलमान आ गया था। उसने फिर से आठ बाई दस गज की बैठक के लिए फिर से मामा से झगड़ा किया और उन पर चाकू से हमला कर दिया।
कोतवाली पुलिस ने सोमवार श्याम शव का पोस्टमार्टम कराया। शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि शब्बीर पर चाकू से हमले के चार निशान मिले हैं। आरोपी ने चाकू से दो वार सीने पर, एक वार पीठ और एक वार पेट पर किया था। जिससे शब्बीर के फेफड़े, आंत और लीवर फट गया था।