फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुरादाबाद खनन विभाग की हकीकत: भ्रष्टाचार मुक्त के बनाए नियम, अधिकारियों ने उसमें भी ढूंढ निकाला कमाई का रास्ता

Fri, 04 Oct 2024 01:22 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद खनन विभाग में नियमों की अनदेखी कर फावड़े की अनुमति पर जेसीबी से अवैध खनन हो रहा है।  रिश्वतखोरी प्रकरण के पीछे का असल खेल यही है। जिला खनन अधिकारी ने बाबू के माध्यम से घूस की मांग की थी।
विज्ञापन
मुरादाबाद में खनन विभाग के दफ्तर में छापा - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुरादाबाद के खनन विभाग में चल रहे खेल को रोकने के लिए शासन से सख्ती की गई और विभाग को भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए नियम भी बनाए गए हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने उसमें भी कमाई का रास्ता ढूंढ निकाला। जिला स्तर पर केवल फावड़े से मिट्टी उठाने की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन इस अनुमति की आड़ में जेसीबी से जमकर खनन किया जा रहा है।

विज्ञापन


बृहस्पतिवार को मुरादाबाद में हुई कार्रवाई के पीछे भी असल खेल यही है। मूंढापांडे के बुजपुर आशा निवासी मो. रफी ने पर्यावरण निदेशालय से 30 हजार घनमीटर मिट्टी उठाने के लिए अनुमति मांगी थी। जिसमें वह जेसीबी से मिट्टी उठा सकते थे, जबकि खनन अधिकारी ने एक अन्य कारोबारी को फावड़े से मिट्टी उठाने की अनुमति दे दी थी।

फावड़े से मिट्टी उठाने की अनुमति की आड़ में वह लंबे समय से जेसीबी चला रहा है। मो. रफी ने इस मामले की शिकायत खनन अधिकारी से की थी। तब खनन अधिकारी ने उन्हें भी फावड़े से मिट्टी उठाने की अनुमति पर जेसीबी चलाने का ऑफर दिया था, लेकिन मो. रफी ने गैर कानूनी काम करने से इनकार कर दिया था।
विज्ञापन


हालांकि, खनन अधिकारी ने अपने चहेते कारोबारी की जेसीबी नहीं रुकवाई। वह ठेके लेकर मिट्टी भराई का काम कर रहा है, जबकि मो. रफी खनन निदेशालय से अनुमति मिलने के बाद भी भटक रहे थे।

विज्ञापन

मूंढापांडे में घूस लेते पकड़ा जा चुका है जिला खनन अधिकारी

दस साल पहले रामपुर में जिला खनन अधिकारी रहे अभय रंजन को मूंढापांडे के दलपतपुर में 25 हजार रुपये घूस लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। रामपुर के पनवड़िया में निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर मिट्टी भराई का काम मूंढापांडे के रामपुर भीला निवासी मुदस्सिर करा रहे थे।

उन्हें करीब दस हजार घनमीटर मिट्टी की रायल्टी जमा करनी थी। इसके लिए मुदस्सिर ने 16 सितंबर 2014 को आवेदन किया, लेकिन उन्हें रायल्टी जमा करने का चालान नहीं दिया गया। इसके लिए 25 हजार रुपये की घूस मांगी गई।

खनन अधिकारी अभय रंजन को दलपतपुर स्थित पराग फैक्टरी के मिल्क बार में एक अक्तूबर 2014 को मुदस्सिर ने जैसे ही 25 हजार रुपये दिए तुरंत एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पकड़ लिया था।  इस मामले में मूंढापांडे थाने में केस दर्ज किया गया था।

घूसकांड के ढाई माह पहले ही अभय रंजन मुरादाबाद से ट्रांसफर होकर रामपुर गया था। मुरादाबाद में तैनाती के दौरान उनके पास अमरोहा और बिजनौर का चार्ज भी था। शिकायतों के बाद ही उनका रामपुर ट्रांसफर किया गया था।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें