मुरादाबाद के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. बीपीएस लोचब से दिल्ली रोड स्थित राही होटल में धमकाकर रकम की मांग की गई थी। उस वक्त डॉक्टर किसी तरह से वहां से अपनी जान बचाकर निकल गए थे। डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि 22 जनवरी 2022 को वह दिल्ली रोड स्थित राही होटल में कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। वह कुछ लोगों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि वहां गजेंद्र चौधरी अपने साथियों के मौजूद है। वह बार बार इशारे करके अपने वापस बुलाने की कोशिश कर रहा था।
डॉक्टर ने गजेंद्र चौधरी के इशारों को नजरअंदाज किया और वह कार्यक्रम में अन्य लोगों से बातचीत करते रहे। गजेंद्र ने फिर से उन्हें अपने पास बुलाने के लिए इशारा किया। तब डॉक्टर ने उसके पास जाने से इन्कार कर दिया था। इसी दौरान गजेंद्र ने अपना एक व्यक्ति डॉक्टर के पास पास भेज दिया। उसने धमकाते हुए डॉक्टर से गजेंद्र चौधरी के लिए रुपयों की मांग की थी। रुपये न देने पर वह धमकी देने लगा था। डॉक्टर का कहना है कि गजेंद्र ने अपने आदमी उनके पीछे लगा दिए थे। वह किसी तरह वहां हट कर निकल आए थे।
भाजपा के युवा नेता गजेंद्र चौधरी पर रंगदारी का केस दर्ज होने के बाद सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कोई कह रहा है कि किसी बड़े नेता से पंगा ले लिया है। कुछ लोग कह रहे हैं कि भाजपा नेता को रास्ते पर लाने के लिए कई लोगों को उकसाया गया है। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष गजेंद्र चौधरी के बारे में पार्टी के लोगों का कहना है कि वह छात्र राजनीति से उभरे हैं। पहले गजेंद्र हिंदू कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष हुए थे। उस समय शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेता वरुण गांधी भी आए थे।
इसके बाद भाजपा नेताओं से नजदीकियां बढ़ी तो उनको भाजयुमो का जिलाध्यक्ष बनाया गया। मुख्यधारा में लाने के लिए गजेंद्र को पूर्व जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान के कार्यकाल में उपाध्यक्ष बनाया गया। राजपाल सिंह के चलते गजेंद्र का कद बढ़ गया था। इसके साथ ही गजेंद्र चौधरी की राजनीतिक गतिविधियां काफी बढ़ गई थी। वे बड़े नेताओं के बारे में भी टिप्पणी करने में संकोच नहीं करते थे।