चुनाव की रंजिश में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के मामले में अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। मरने वालों में महिला प्रधान शुकंतला, उनके दो बेटे और पति शामिल थे। करीब सात साल पहले संभल के छावड़ा गांव में इस वारदात को अंजाम दिया गया था।
मामले में शामिल रहे दो आरोपियों की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है। एक आरोपी नाबालिग होने के कारण उसकी पत्रावली किशोर बोर्ड भेज दी गई है। छह आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत न मिलने के कारण उन्हें बरी कर दिया गया है। दोषी करार दिए गए चारों आरोपियों को 21 दिसंबर को सजा सुनाई जाएगी।
संभल जनपद कुढ़फतेहगढ़ के छावडा गांव निवासी रुचि पुत्री विशम्बर सिंह ने 9 नवंबर 2016 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया कि शाम करीब साढ़े सात बजे वह घर में खाना बना रही थी। पिता विशम्बर सिंह, मां शकुंतला, दो भाई सुशील और सुनील घर में मौजूद थे।
इसी दौरान भाई सुशील के कमरे में से गोली चलने की आवाज आई। रुचि और उसकी मां ग्राम प्रधान शकुंतला सुशील के कमरे में पहुंच गईं। उन्होंने देखा कि अमन, सुरेश, गोविंदा, महेश, गुड्डू, प्रियंका, कृष्ण पाल सिंह उर्फ केपी उर्फ बृजपाल, विपिन, डबलू और पवन उर्फ विपिन और तालेवर ने सुशील की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
आरोपियों ने मां शकुंतला पर भी गोली चला दी। शकुंतला भी वहीं गिर पड़ीं। इसके बाद आरोपी प्रधान के दूसरे बेटे सुनील के कमरे में घुस गए। उसे कमरे से बाहर खींच लाए और गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद आरोपी तलाश करते हुए बैठक में पहुंच गए और विशम्बर की भी गोली मारकर हत्या कर दी थी।
रुचि ने बताया था कि उसकी मां शकुंतला ने प्रधान के चुनाव में महेश की पत्नी को हरा दिया था। इस कारण से यह लोग हमसे रंजिश रखते थे। इसी रंजिश के कारण परिवार के चार लोगों की हत्या की है। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या तीन सरोज यादव की अदालत में हुई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनीष भटनागर ने बताया कि इस मामले में वादी पक्ष की ओर उन्होंने और अधिवक्ता पीके गोस्वामी ने बहस की। इस मामले में अदालत ने कृष्णपाल उर्फ केपी, महेश, सुरेश, विपिन उर्फ पवन को हत्या का दोषी पाया है।
जबकि गोविंदा, दुष्यंत, अमन, प्रियंका, विपिन, डब्ल्यू को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त किया। मुकदमे का एक आरोपी नाबालिग होने के कारण उसकी फाइल किशोर बोर्ड को प्रेषित कर दी गई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दो आरोपी तालेवर और गुड्डू की मौत हो चुकी है। दोषियों को अदालत 21 दिसंबर को सजा सुनाएगी।