मुरादाबाद। मुरादाबाद-दिल्ली हाईवे (एनएच-9) को सिक्स लेन बनाने का काम तय समय यानी नवंबर 2021 तक पूरा नहीं हो पाएगा। कोरोना काल में मजदूर न मिलने के कारण तीन महीने काम बंद रहा। इसके चलते एनएचएआई ने भारत सरकार के समक्ष 90 दिन का समय बढ़ाने के लिए प्रस्ताव रखा है। 99.867 किमी लंबे हाईवे को 3345 करोड़ रुपये के बजट से सिक्स लेन बनाया जा रहा है।
हाईवे के चौड़ीकरण के लिए मई 2019 में बजट मिला था। इसके बाद जून-जुलाई माह से हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य शुरू हो गया था। नवंबर 2021 तक इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि एनएचएआई की टीम तेज गति से कार्य पूरा करने में जुटी है। इसके बावजूद कोरोना काल में काम बंद रहने के का असर निर्माण पर साफ दिखाई दे रहा है। हाईवे पर 94.370 किमी सर्विस रोड, 23.1 किमी बाईपास, 12 फ्लाईओवर, 25 छोटे पुल, सात बड़े पुल और 45 अंडर पास निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा हाईवे के प्रोजेक्ट में हापुड़ से बक्सर तक बाईपास भी शामिल है। रास्ते में पड़ने वाले 12 से अधिक गांवों को जोड़ने के लिए यहां भी अंडर पास बनाए जा रहे हैं। हापुड़ के बाद अमरोहा के रजबपुर में भी दो किमी दूरी वाले बाईपास का निर्माण किया जा रहा है। प्राधिकरण का मानना है कि हाईवे के चौड़ीकरण से जाम की समस्या खत्म हो जाएगी। इस हाईवे के सिक्स लेन होने के बाद मुरादाबाद से हापुड़ तक की दूरी तय करने में मात्र 45 मिनट लगेंगे।
खत्म हो जाएंगे सभी कट
निर्माणाधीन हाईवे पर लोगों ने अपनी सुविधा का अनुसार जगह जगह कट बना लिए हैं। हाईवे के सिक्स लेन होने के बाद एनएचएआई के नियमों के अनुसार सभी कट बंद कर दिए जाएंगे। पीछे मुड़ने के लिए नियमित दूरी पर यू-टर्न बनाए जा रहे हैं। इससे दुर्घटनाओं पर लगाम लगेगी।
हापुड़ किमी 50 से मशुरादाबाद किमी संख्या 149.867 तक नएच-9 का चौड़ीकरण हो रहा है। कोरोना काल में श्रमिकों की संख्या बेहद कम रही। इसके चलते तीन से चार महीने हाईवे का चौड़ीकरण बाधित हुआ है। कार्य को पूरा करने के सरकार के समक्ष 90 दिन की अवधि बढ़ाने की मांग रखी गई है। अब यह कार्य मार्च-अप्रैल 2022 तक पूरा हो जाएगा।
- मोहम्मद खालिद, प्रोजेक्ट निदेशक एनएचएआई