शहर में रोडवेज के मुरादाबाद डिपो के नाम पर चलाई जा रही एक डग्गामार बस के खिलाफ एआरटीओ ने कार्रवाई करते हुए उसे सीज कर दिया है। इस बस का अनुबंध परिवहन निगम के आरएम ने अक्तूबर 2021 में अनियमितताओं के कारण समाप्त कर दिया था। इसके बावजूद वाहन स्वामी ने बस से डिपो का नाम और परिवहन निगम का लोगो नहीं हटाया। वाहन स्वामी लगातार मुरादाबाद-चंदौसी रूट पर बस का संचालन करता रहा।
बुधवार को मुरादाबाद-चंदौसी रूट पर गांगन के पास पीतल नगरी डिपो के प्रभारी एआरएम शिवबालक यातायात निरीक्षकों के साथ चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान यूपी21एएन9403 वहां से गुजरी तो चेकिंग टीम ने फौरन बस को रुकवाया। एआरएम ने बताया कि अनुबंध समाप्त होने के बावजूद लगातार संचालन की शिकायतें मिलने के कारण बस को पहले ही ब्लैक लिस्टेड कर रखा था। इत्तेफाक से चेकिंग अभियान के दौरान बस टीम की पकड़ में आ गई।
उन्होंने बताया कि यातायात निरीक्षकों ने फौरन एआरटीओ को सूचना दी। एआरटीओ ने मौके पर आकर बस को सीज कर दिया। एआरएम ने बताया कि वाहन स्वामी ने दिल्ली से इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन भी मंगा रखी थी। इसके जरिये वह यात्रियों को परिवहन निगम से मिलते जुलते टिकट देकर गुमराह करता था। ड्राइवर और कंडक्टर के तौर पर उसने अपने दो बेटों को काम पर लगा रखा था।
आरोप है कि बस पकड़ी गई तो उसके मालिक ने एआरएम और यातायात निरीक्षकों पर कार्रवाई न करने के लिए दवाब बनाया। इस पर परिवहन निगम ने वाहन स्वामी असलम के खिलाफ कटघर थाने में तहरीर दी है। जबकि परिवहन विभाग ने वाहन स्वामी पर मोटा जुर्माना लगाया है। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी ने बताया कि अनुबंध के दौरान वाहन स्वामी समय पर बस उपलब्ध नहीं कराता था। आरोप था कि वह उस समय भी परिवहन निगम को जानकारी दिए बिना अवैध रूप से दूसरे रूटों पर बस का संचालन करता था। इसके चलते उसका अनुबंध समाप्त कर दिया गया था।