कांग्रेस अल्पसंख्यक सेल ने देश में हो रही मॉब लिंचिंग के खिलाफ कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आने के बाद मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ गई हैं। कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक के आह्वान पर जिला चेयरमैन अफजल साबरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। जिला चेयरमैन ने आरोप लगाया कि जब से भाजपा की केंद्र में सरकार आई है, तभी से अल्पसंख्यकों के साथ मॉब लिंचिंग की एक प्रथा स्थापित हो गई है।
भाजपा की राज्य सरकारों में यह प्रथा बढ़ी है। अपराध के लिए कानून में सजा निर्धारित है। किसी भी मनुष्य को सड़क पर सजा देने का अधिकार नहीं है। सात जून को रायपुर-महासमुंद सीमा पर यूपी के सहारनपुर निवासी सद्दाम कुरैशी (23), उसके चचेरे भाई गुड्डू खान (35) और चांद मिया खान (23) मवेशी लेकर जा रहे थे।
इसी दौरान आरंग में महानदी के पुल पर रोक लिया गया। भीड़ ने तीनों पर हमला कर दिया। तीनों पुल के नीचे पड़े मिले थे। इनमें दो की उसी दिन मौत हो गई, जबकि जीवित बचे सद्दाम ने 18 जून को दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद मॉब लिंचिंग में शामिल अधिकतर आरोपी आजाद घूम रहे हैं।
ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार के संरक्षण में कानून व्यवस्था पर हमला है। इस मामले में कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसीएम को सौंपा। इस दौरान कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष इरशाद हुसैन ने घटना में शामिल सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने, एसपी और डीएम को तत्काल निलंबित करने, मृतकों के परिजनों को नौकरी और मुआवजा देने की मांग की है।
वक्ताओं ने कहा कि मॉब लिंचिंग के मामले में सख्त कानून बनाया जाना चाहिए। प्रदर्शन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष असलम खुर्शीद, अनूप दूबे, मंगलसेन, तबस्सुम खान, मोहम्मद जुनेद पार्षद, नदीम अंसारी पार्षद, परबेज पार्षद, राईस सैफी, कामिल मंसूरी, अकरम अंसारी, अरशद अंसारी, राजेंद्र वाल्मीकि, मोहतसिम मुख्तार, मोहम्मद नाजिम आदि शामिल थे।