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Moradabad: सबसे ठंडा दिन...तापमान नहीं संवेदना शून्य, जिला अस्पताल के रैन बसेरे पर लटका ताला; ठिठुरे तीमारदार

Sat, 06 Jan 2024 10:28 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

ठिठुरन भरी रातों में भी जिला अस्पताल में बने रैन बसेरे का ताला नहीं खुल पाया। इससे तीमारदारों को खुले में रात बितानी पड़ी।जिला अस्पताल पहुंचे तीमारदारों ने बताया कि मरीजों को कंबल तक नहीं मिल पा रहे हैं। अव्यवस्था उजागर हुई तो जिम्मेदार जांच की बात कह रहे हैं।
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मुरादाबाद अस्पताल के बाहर सर्दी से बचने की कोशिश करते तीमारदार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुरादाबाद में  पिछले 11 वर्षों में शुक्रवार का दिन (पांच जनवरी) सबसे ठंडा दिन रहा। रात का तापमान आठ डिग्री रहा। दिनभर सूरज नहीं निकला। लोग दिनभर ठिठुरते रहे। वहीं रात में शीतलहर चलती रही। हांड कंपा देने वाली पूस की इस रात में जिला अस्पताल के रैन बसेरे में बदइंतजामी का ताला लगा रहा।

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महिला अस्पताल के रैन बसेरे में बेड तो थे, लेकिन बेडों पर न तो चादर थे और न ही कंबल। ये बदइंतजामी का आलम जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में शुक्रवार रात साढ़े 10 बजे देखने को मिला। जिला अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों को ठंड में बाहर भटकना पड़ता है। अस्पताल में रैन बसेरा तो है लेकिन लोगों के लिए कभी नहीं खुलता।

शुक्रवार रात अस्पताल परिसर में पेड़ की टहनी जलाकर ताप रहे मरीज नेकासी सिंह के तीमारदार ने बताया कि वह अपने बीमार पिता को लेकर बबराला से आए हैं। डॉक्टर ने लीवर में इन्फेक्शन बताया है और हालत गंभीर है। उन्हें जुनावई से संभल रेफर किया गया था और वहां से जिला अस्पताल मुरादाबाद भेज दिया गया।
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दो रातों से सोए नहीं हैं। मुरादाबाद जिला अस्पताल में भी जागकर ही रात बितानी पड़ी। इसी तरह 45 किलोमीटर दूर रोशनपुर से आए पिंटू ने बताया कि उनकी मां को लीवर की बीमारी है। जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। पिंटू ने अस्पताल में स्टाफ से रैन बसेरे के बारे में पूछा लेकिन किसी ने जानकारी नहीं दी।

वहीं महिला अस्पताल में प्रसव पूर्व वार्ड में भर्ती महिला मरीजों को स्टाफ ने भर्ती तो कर लिया लेकिन उन्हें कंबल नहीं दिए। यहां के रैन बसेरे में दो दिन से ठहरे यूनुस ने बताया कि रैन बसेरे में बेड तो हैं लेकिन चादर या कंबल देने वाला कोई नहीं है। ये हाल तब है जब डीएम ने निरीक्षण के दौरान ही सीएमएस को महिला अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे।

टीबी वार्ड के बाहर बेंच पर काटेंगे रात

जिला अस्पताल के टीबी वार्ड में भर्ती मरीज रंजीत के साथ उनकी मां व पत्नी मौजूद थीं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में तीमारदारों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। उन्हें वार्ड के बाह बेंच पर बैठकर रात बितानी पड़ती है। जब ज्यादा नींद आती है तो खतरे की परवाह किए बिना टीबी वार्ड में ही अपने मरीज के पास ही सो जाते हैं।

 

अस्पताल में रैन बसेरे की व्यवस्था है। बेड व कंबल भी उपलब्ध हैं। स्टाफ को निर्देश हैं कि तीमारदारों के कहने पर फौरन रैन बसेरा खोला जाए। इसमें लापरवाही की जा रही है तो स्टाफ से पूछताछ की जाएगी। तीमारदारों को परेशानी न हो, इसका प्रबंध करेंगे। - डॉ. संगीता गुप्ता, सीएमएस, जिला अस्पताल

 

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