ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र के गांव राई भूड़ के मझरा मुनीमपुर में शुक्रवार सुबह करीब चार बजे एक तेंदुआ शिकार की तलाश में गांव के मोहित यादव के घर में घुस गया। शिकार की तलाश में वह घर के अंदर बनी भूसे की कोठरी में चला गया।
ठाकुरद्वारा क्षेत्र के गांव राई भूड़ के मजरा मुनीमपुर में करीब दो साल से तेंदुए का आतंक है। गांव के पास रामगंगा नदी और घना जंगल है। ग्राम प्रधान भानु प्रताप सिंह का कहना है कि आए दिन आसपास के जंगल और गांव के आसपास तेंदुए की गतिविधियां देखी जाती है।
करीब डेढ़ वर्ष पूर्व जंगल में परिजनों के साथ गई जसवंत सैनी की डेढ़ वर्ष की बच्ची पर तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया था। बाद में परिजन और खेतों में काम कर रहे किसानों के आ जाने से किसी तरह बच्ची की जान बच सके थी।
गांव राई भूड़ के मजरा मुनीमपुर में तेंदुआ मोहित यादव की बहादुरी के कारण पकड़ा गया। मोहित यादव उत्तर प्रदेश पुलिस की भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा है। वह सुबह चार बजे दौड़ लगाने के लिए उठा तो उसे घर की छत के पीछे से जीने के रास्ते अंदर आता हुआ तेंदुआ दिखाई दिया।
जिस पर वह घबराया नहीं। तेंदुए की गतिविधि की वीडियो बनाने लगा। बिना शोर मचाए पहले उसने तेंदुए को अपने भूसे की कोठरी के अंदर जाते देखा तो अंदर घुसते ही उसने कोठरी का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया।
फिर उसने इसकी सूचना अपने परिवार के लोगों व ग्रामीणों और ग्राम प्रधान को दी। मोहित यादव के साहस के कारण ही ग्रामीण तेंदुए को पकड़े जाने की बात कह रहे हैं।
कोतवाली ठाकुरद्वारा क्षेत्र के गांव राईभूड मुनीमपुर में तेंदुआ पकड़ने के दौरान गांव का युवक उमेंद्र हंगामा करने लगा। जिस पर मौके पर मौजूद पुलिस ने उसे पकड़ लिया तो आरोपी पुलिस से ही भिड़ गया। जिस पर पुलिस ने उसे कब्जे में ले लिया। इसे लेकर ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। वन विभाग और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी करने लगे। बाद में उमेंद्र को छोड़ने पर ग्रामीण शांत हुए।