पिकअप का इस्तेमाल सामान ढोने के लिए किया जाता है। इसमें सवारी ले जाना परिवहन विभाग के नियमों का उल्लंघन है। पिकअप में सवार 23 लोग तीन राज्यों के आठ जिलों से होकर गुजरे, लेकिन इसको कहीं नहीं रोका गया। पंजाब के संगरूर से चली पिकअप पटियाला, जींद, रोहतक, सोनीपत, गाजियाबाद, हापुड़ और अमरोहा जिले से होती हुई लगभग 400 किलोमीटर की दूरी तय कर मुरादाबाद तक पहुंच गई थी। पिकअप में सवार यात्रियों के मुताबिक संगरूर से पीलीभीत तक किराया 21 हजार रुपये में तय हुआ था। इसी तरह से हिमाचल से आ रही बस भी कई राज्यों की सीमा पार कर मुरादाबाद तक पहुंच गई थी। डबल डेकर बस ने भी हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के तीन जिलों की सीमा पार कर ली थी।
चार मौतों पर थमा फर्राटे का सफर
हिमाचल से शुरू हुआ बस चालक के फर्राटे का सफर मुरादाबाद पहुंचकर चार मौतों के बाद थमा। घटनास्थल से कुछ दूर पहले डबल डेकर बस का एक पिछला पहिया पंक्चर हो गया था। यही नहीं बस का हार्न और ब्रेक कमजोर थे। बावजूद इसके चालक बस स्पीड से दौड़ाता रहा। ये रफ्तार हादसे के बाद थमी।
हिमाचल प्रदेश से एक प्राइवेट डबल डेकर बस यात्रियों को लेकर रविवार को बरेली के लिए रवाना हुई। बस में सवार यात्री सतवीर सिंह ने बताया कि चालक तेज गति से बस चला रहा था। जिसे लेकर यात्रियों ने चालक को कई बार टोका, लेकिन वह मनमानी करता रहा। फर्राटे से बस को चलाता रहा। यात्रियों का कहना था कि बस का हॉर्न भी खराब था। ब्रेक भी सही ढंग से काम नहीं कर रहा था। हादसे से करीब पंद्रह से बीस किमी पहले बस का पिछला टायर पंक्चर भी हो गया था। इससे स्पीड धीमी हुई लेकिन पुलिस देख स्पीड बढ़ाने से
हादसा हो गया।
आरोपी यातायात निरीक्षक और अन्य पर होगी विभागीय कार्रवाई
मझोला थाना क्षेत्र के ग्राम मनोहरपुर के पास हाईवे पर हुए हादसे का सबब बने ट्रैफिक पुलिस कर्मियों पर मंगलवार से विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। यही नहीं इस हादसे में मारे गए ट्रैफिक सिपाही ब्रजकिशोर के परिवार को भी मृतक आश्रित के मिलने वाले लाभ से वंचित किया जा सकता है।
एसएसपी पवन कुमार ने बताया कि हादसे के बाद की गई जांच में प्रथम दृष्ट्या यह पाया गया है कि ट्रैफिक इंस्पेक्टर समेत छह पुलिसकर्मियों ने अपने पद व प्रभाव का दुरुपयोग किया है। इसके चलते चार लोगों की जान गई। एसएसपी ने बताया कि इस मामले में दर्ज मुकदमों की तत्परता से जांच कराई जाएगी। इसके अलावा आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी जल्द कर दी जाएगी। एसएसपी ने कहा कि मृतक ट्रैफिक सिपाही की भी प्रथम दृष्ट्या संलिप्तता प्रतीत हो रही है। जांच में यदि इसकी पुष्टि हो जाती है तो मृतक सिपाही के आश्रित को विभागीय स्तर से मिलने वाले लाभ भी नहीं दिए जाएंगे।