अब दरोगा और सिपाही की संपत्तियों की होगी जांच
भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे दरोगा रवि प्रकाश और मुख्य आरक्षी कौशल कुमार को अब आर्थिक स्थिति और संपत्ति की भी जांच से गुजरना पड़ेगा। एंटी करप्शन टीम में शामिल इंस्पेक्टर सुखवीर सिंह भदौरिया ने बताया कि नियमानुसार आरोपी दरोगा और सिपाही की संपत्ति की जांच होगी जिसमें यह पता किया जाएगा कि इनको कितना वेतन मिलता है और कितनी संपत्ति है। अगर से आय से अधिक संपत्ति मिलती है तो आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा मजबूत हो सकता है।
पांच हजार रुपये पहले भी दे चुका था पीड़ित
पीड़ित मितेद्र ने एंटी करप्शन टीम को बताया कि मुकदमे में उसके दोनों बेटों के नाम हटवाने के लिए 40 हजार रुपये की मांग की गई थी, लेकिन 20 हजार में बात बनी। वह पांच हजार रुपये पहले ही दे चुका था। सोमवार को 15 हजार रुपये देने का वादा हुआ। जैसे ही हेड कांस्टेबल ने हाथ में 15 हजार की रकम पकड़ी तभी टीम ने रंगे हाथों में दबोच लिया।
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने हेड कांस्टेबल को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया है। हेड कांस्टेबल और दरोगा रवि प्रकाश के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस मामले में एसपी देहात और सीओ बिलारी से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने पर दोनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। - सतपाल अंतिल, एसएसपी