फ्यूल व्यवस्था पर भी फंसा है पेंचफ्लाई बिग कंपनी के पास पायलट न होने के अलावा हवाई अड्डे पर विमान के लिए फ्यूल की व्यवस्था भी नहीं है। हालांकि एएआई इसे बड़ा मसला नहीं मानता। उनका कहना है कि यदि कंपनी के पास संसाधन हों तो फ्यूल टैंकर के जरिये मंगाया जा सकता है।
बाद में डीजीसीए से एनओसी मिलने पर फ्यूल स्टेशन भी बन जाएगा। अलीगढ़, आजमगढ़ व चित्रकूट हवाई अड्डों से भी टैंकर से फ्यूल व्यवस्था के जरिये फ्लाइट शुरू की गई है। विमान छोटे होने के कारण लखनऊ से ईंधन रखकर लाना संभव नहीं है। इसलिए हवाई अड्डों पर ही ईंधन भरा जाता है।
विमान से पहले शुरू हो जाएगा वंदे भारत का संचालन
मुरादाबाद से लखनऊ का सफर करने वाले लोगों के लिए राहत की बात यह है कि विमान से पहले वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू हो जाएगी। हालांकि इसे लखनऊ तक पहुंचने में पांच घंटे का समय लगेगा। ट्रेन 26 मार्च से सोमवार को छोड़कर सप्ताह के अन्य दिनों में चलेगी।
इसके एक्जीक्यूटिव चेयर कार में किराया विमान के किराये के लगभग बराबर होगा। विमान का किराया कंपनी की ओर से 1298 रुपये बताया गया है। वहीं फ्लाइट से लखनऊ पहुंचने में महज 65 मिनट का समय लगेगा। हालांकि 45 मिनट पहले चेक इन व मुरादाबाद शहर से एयरपोर्ट तक पहुंचने में भी 40 मिनट का समय लगेगा।
फ्लाइट को लेकर फिलहाल कोई अपडेट नहीं है। हमारी कंपनी लगातार प्रयास कर रही है। कोशिश है कि जल्द से जल्द लोगों के लिए मुरादाबाद से विमानन सेवाएं शुरू हों लेकिन कोई तिथि घोषित नहीं है। - राजीव कुमार, फ्लाई बिग प्रबंधक
हमने अपनी ओर से सभी व्यवस्था कर रखी हैं। फ्लाइट कब शुरू होगी यह नहीं कहा जा सकता। कंपनी कुछ व्यवस्थाएं बनाने में लगी है। उम्मीद है अप्रैल में मुरादाबाद से लखनऊ के लिए फ्लाइट शुरू होगी। - श्याम सुंदर , एयरपोर्ट मैनेजर