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विद लव आपकी सैयारा: तलाक के बाद महिला की जिंदगी की जद्दोजहद दिखा गई जूही बब्बर, दर्शकों ने जमकर बजाई तालियां

Tue, 19 Mar 2024 10:58 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद में अमर उजाला की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर विद लव आपकी सैयारा नाटक का मंचन किया गया। टीएमयू ऑडिटोरियम में हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में दर्शकों की उपस्थिति रही। सैयारा के किरदार को अभिनेत्री जूही बब्बर ने निभाया। 
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मुरादाबाद में सैयारा नाटक का मंचन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कम उम्र का आकर्षण, प्यार, निकाह, तलाक और जिंदगी के भीषण उतार चढ़ाव झेलकर मां-बाबा के सहारे सैयारा जब खड़ी हुई तो किस्मत ने उसे फिर वही सब दिखाया। दो बार तलाक का दंश झेलकर समाज में अकेले जीने व आगे बढ़ने की चुनौतियाें का सामना करने वाली सैयारा के इस किरदार को अभिनेत्री जूही बब्बर ने मंच पर जीवंत कर दिया। मौका था अमर उजाला की ओर से आयोजित विद लव आपकी सैयारा नाटक के मंचन का। यह आयोजन अमर उजाला की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सोमवार को टीएमयू के ऑडिटोरियम में हुआ।

 

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मुरादाबाद में - फोटो : अमर उजाला

इस नाटक का निर्देशन व लेखन भी जूही बब्बर ने ही किया है। खचाखच भरे टीएमयू के ऑडिटोरियम में जूही बब्बर के इस नाटक को लेकर दर्शकों में भारी उत्साह था।  नाटक की कहानी सैयारा की किताब के पन्नों से शुरू होती है, जोकि असल में उसके अतीत के पन्नों पर लिखी हुई थी। एक बड़े कारोबारी की बेटी, मुंबई की एकल महिला सैयारा दो बार तलाक से उबरने के बाद अपनी इसी किताब के लिए परेशान है। जिसमें प्रकाशक अपने हिसाब से बदलाव करना चाहते हैं।

 
 

मुरादाबाद में - फोटो : अमर उजाला
ऐसे में सैयारा लोगों से रूबरू होते हुए अपने जीवन के पन्नों को खोलना शुरू करती है। सैयारा दो बार शादी करती है। दोनों ही बार पति से प्रताड़ित होकर उसका तलाक हो जाता है। पहली शादी अपने से 24 साल बड़े प्रोफेसर से उसकी बीवी व बच्चे होने के बावजूद की। कुछ समय बाद प्रोफेसर के बच्चों को पता चला तो वो खुद सैयारा के घर उसे मारने पहुंच गए। इस बारे में उसने अपने पति से बात करनी चाही, तो वह इसे बखेड़ा बताकर तलाक देने की बात  करता है।
 

मुरादाबाद में - फोटो : अमर उजाला
इस घटना से भीतर तक टूट चुकी सैयारा को माता-पिता से हौसला मिला। वह उसे दोबारा घर ले आए और जिंदगी जैसे फिर पटरी पर लौट आई हो। पिता अपना सारा कारोबार सैयारा को दे देते हैं।  अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल हो चुकी सैयारा की जिंदगी में इस बार एक मुस्लिम डॉक्टर आते हैं और दोनों का निकाह हो जाता है। वह अपने परिवार के कारण सैयारा को बुरा भला कहना शुरू कर देता है। सैयारा को पता चलता है कि उसके डॉक्टर पति के अस्पताल की एक नर्स उसके बच्चे की मां बनने वाली है।
 
 
 

मुरादाबाद में - फोटो : अमर उजाला
जिंदगी से परेशान सैयारा का फिर तलाक हो जाता है। इसके बाद जैसे हर दूसरा आदमी उसे आसानी से उपलब्ध महिला समझकर तकलीफ देना शुरू कर देता है। तीन तलाक, माता-पिता की सलाह न मानकर सिर्फ आकर्षण में पड़कर लड़कियों का गलत निर्णय, मानसिक तनाव जैसे गंभीर मुद्दों को भी जूही ने अपने अभिनय में ऐसे शामिल किया कि देर तक ऑडिटोरियम तालियों से गूंजता रहा। भावपूर्ण दृश्यों से जहां सबकी आंखें नम हुईं, वहीं बीच-बीच में हास्य   की फुहारों से जूही ने सबको गुदगुदाया भी।
 
 
 

मुरादाबाद में - फोटो : अमर उजाला
मानसिक तनाव के बढ़ते मामलों पर भी किया संवाद
जूही ने अपने अभिनय में मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों की जिंदगी से भी रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि समाज में सिर्फ महिलाएं ही पीड़ित नहीं हैं बल्कि तमाम कारणों से पुरुष भी मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। ऐसे लोगों से जब हम पूछते हैं कि कैसे हैं आप तो इनका जवाब होता कि आई एम ओके। सैयारा ने कहा कि ये जो ओके होता है न, ये बिल्कुल भी ओके नहीं होता। हमारे बीच रहने वाले ये लोग ओके बोलकर सब कुछ छिपा लेते हैं। जरूरत है दोस्तों, परिजनों से खुलकर संवाद करने की।
 
 

मुरादाबाद में - फोटो : अमर उजाला
प्यार, विश्वास और सम्मान सफल वैवाहिक जीवन के तीन स्तंभ
सैयारा ने अपनी कहानी में बताया कि दुनिया में किसी भी धर्म, किसी भी देश, किसी भी भाषा के लोग हों, सबका आधार सिर्फ प्यार है। प्यार एक ऐसा पौधा है, जिसे विश्वास से जितना सींचा जाए वह उतना ही बड़ा होता है। उन्होंने कहा कि सफल वैवाहिक जीवन के तीन स्तंभ हैं, प्यार, विश्वास और सम्मान।
 
 
 

मुरादाबाद में - फोटो : अमर उजाला
इनमें से एक भी पिलर हिला तो जिंदगी के रंग बिगड़ने लगते हैं। सैयारा ने बताया कि दो बार तलाक के बाद उसके समाज के ही कई लोग उस पर बुरी नजर रखते थे। महिलाओं को जागरूक किया कि कब तक हम कार्यस्थल पर होने वाले इशारों के प्रति अंजान बने रहेंगे।
 

मुरादाबाद में - फोटो : अमर उजाला

इन्होंने किया दीप प्रज्वलन 
टीएमयू के कुलाधिपति सुरेश जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह, निर्यातक सतीश धीर, सुधीर त्यागी ने दीप जलाकर कार्यक्रम का आगाज किया। अमर उजाला के सलाहकार संपादक विनोद अग्निहोत्री ने सभी को नाटक की रूपरेखा बताई व अंत में आभार अभिव्यक्ति की।

 
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इनकी रही मौजूदगी
मेयर विनोद अग्रवाल, टीएमयू के जीवीसी मनीष जैन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की संयोजिका अल्पना रितेश गुप्ता, टीएमयू के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अक्षत जैन, डॉ. केके मिश्रा, सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह, अधिवक्ता आनंद मोहन गुप्ता, वरिष्ठ आर्किटेक्ट वाईपी गुप्ता आदि।
 
 
 
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