वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया
नए काॅमर्शियल वाहनों का फिटनेस आठ साल तक दो साल के लिए और आठ साल के बाद एक साल के लिए होता है। फिटनेस के लिए परिवहन विभाग में फीस जमा कराकर जांच कराने की तारीख ली जाती है। वाहनों के फिटनेस के लिए टायर, शीशे, खिड़की, लाइट, कैमरा आदि को दुरूस्त कर परिवहन विभाग कार्यालय में ले जाया जाता है। वहां परिवहन विभाग के अधिकारी जांच कर फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करते हैं।
ई-रिक्शा है प्रतिबंधित
परिवहन विभाग के अनुसार ई-रिक्शा पूर्णतया प्रतिबंधित हैं। क्योंकि ई-रिक्शा पूरी तरह से खुला होता है। ई-रिक्शा द्वारा स्कूली मानकों का पालन नहीं किया जाता है। अगर ई-रिक्शा से स्कूली बच्चों को ले जाया जाता है, तो दुर्घटना होने की संभावना हमेशा बनी रहेगी।
जिन वाहनों का फिटनेस खत्म हो चुका है। उनके लिए नोटिस जारी कर दी गई है। स्कूली वाहनों की जांच के लिए जुलाई महीने में अभियान चलाया जाएगा। अगर ये वाहन सड़कों पर पाए गए, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -आंजनेय सिंह, एआरटीओ (प्रशासन)