गिरफ्त में आरोपी महिलाएं
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नवाबपुरा हाजी नेब की मस्जिद के पास रहने वाले एक 50 वर्षीय पीतल कारोबारी की सोमवार को कोरोना से टीएमयू में मौत हो गई थी। इसके बाद हॉटस्पॉट चिन्हित कर इलाके को सील कर दिया गया था। डब्ल्यूएचओ के मानकों के अनुसार, कोरोना पॉजिटिव की मौत के बाद उसके परिजनों के संक्रमित होने की आशंका में कारोबारी के परिवार को क्वारंटीन कर उनकी जांच होनी थी।
इसलिए बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम नवाबपुरा पहुंची। टीम देखकर महिलाएं भड़क गईं। उन्होंने किसी को भी साथ ले जाने देने से इनकार कर दिया और टीम से भिड़ गईं। हंगामा पर नागफनी एसओ को भी मौके पर बुला लिया गया। डाक्टरों ने महिलाओं और स्थानीय लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन तभी महिलाओं ने टीम पर पथराव कर दिया।
एंबुलेंस के साथ गए डा. एससी अग्रवाल, फार्मासिस्ट संजीव कुमार और ईएमटी पंकज सिंह, स्वास्थ्यकर्मी अतरपाल सिंह, आराम सिंह और एंबुलेंस चालक मुनिराज सिंह पथराव में जख्मी हो गए।
पुलिस कंट्रोल रूम पर हमले की सूचना मिलते ही डीएम राकेश कुमार सिंह और एसएसपी अमित पाठक जब मौके पर पहुंचे, तब भी पथराव होता रहा। शहर इमाम सैय्यद मासूम अली आजाद और पुलिस अधिकारियों की बातचीत के दौरान दूसरी गली से पथराव किया गया। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शहर इमाम ने मस्जिद से लोगों को लाउडस्पीकर से समझाया कि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग आपकी मदद के लिए आया है उन पर पथराव न करें। घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर घटना में शामिल लोगों की तलाश शुरू कर दी है।