कोरोना संकट के इस दौर में देश के डॉक्टर और तमाम मेडिकल कर्मचारी युद्ध स्तर पर देश सेवा में लगे हुए हैं। कई डॉक्टर ऐसे हैं जो महिनों से अपने घर नहीं जा पाए हैं, या घर जाने के बाद भी खुद को क्वारंटीन कर लिया है। कई मेडिकल कर्मचारी दिन रात एक कर मरीजों के इलाज में लगे हुए हैं।
कुछ डॉक्टर्स तो ऐसे हैं जो मरीजों की सेवा करते करते खुद भी संक्रमित हो गए। ऐसे अपनी जान को खतरे में डालकर इस महामारी से लड़ रहे एम्स के दो डॉक्टरों से अमर उजाला की टीम ने बातचीत की। उन्होंने बताया कि इन दिनों कैसी बीत रही है उनकी जिंदगी-
डॉ. सायन नाथ
डॉक्टर सायन नाथ ने बताया कि उनकी ड्यूटी एम्स के कोविड-19 के आईसीयू में है। पिछले 20 दिनों से कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आईसीयू में कोरोना के छह मरीज भर्ती हैं। उनकी पूरी देखरेख स्टाफ से साथ करता हूं। दो महीने से अपने घर कोलकाता भी नहीं गया।
उन्होंने कहा कि मैं दिन में आठ घंटे आईसीयू में ही सेवा देता हूं और इसके बाद भी यदि जरूरत पड़ती है तो पूरी सेवा देने के लिए तत्पर रहता हूं। जब 20 दिनों पहले मां को फोन करके बताया था कि कोरोना के मरीजों के इलाज में ड्यूटी लगाई गई है, तो मां कुछ देर के लिए चिंतित हुईं, लेकिन फिर आशीर्वाद देते हुए कहा कि बेटा देश की सेवा करो।
देश पहले है, परिवार बाद में। मां की इस बात से काफी हौसला मिला। डॉ. सायन कहते हैं कि अब समय की मांग है कि कोरोना को लेकर लोगों का हौसला बढ़ाया जाए। इससे ही आधी जंग जीत ली जाएगी।