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मुरादाबाद : प्राधिकरण की शर्तों के साथ, एमडीए को नहीं मिल रहे किराएदार

Sat, 04 Sep 2021 02:24 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद

सार

एमडीए दफ्तर नई बिल्डिंग में शिफ्ट होने के बाद अब प्राधिकरण अपने पुराने दफ्तर को किराए पर देना चाहते हैं, लेकिन इसमें प्राधिकरण की शर्तें ही आड़े आ रही हैं। प्राधिकरण एक साथ 21 लाख रुपये महीना में पूरा दफ्तर किराए पर देना चाहता है लेकिन इतनी भारी रकम में कोई भी उसे लेने को तैयार नहीं है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एमडीए दफ्तर नई बिल्डिंग में शिफ्ट होने के बाद अब प्राधिकरण अपने पुराने दफ्तर को किराए पर देना चाहते हैं, लेकिन इसमें प्राधिकरण की शर्तें ही आड़े आ रही हैं। प्राधिकरण एक साथ 21 लाख रुपये महीना में पूरा दफ्तर किराए पर देना चाहता है लेकिन इतनी भारी रकम में कोई भी उसे लेने को तैयार नहीं है। शुक्रवार को एक बैंक के अधिकारियों ने बिल्डिंग को देखा लेकिन वह भी केवल बिल्डिंग का एक फ्लोर ही लेना चाहते हैं। लिहाजा प्राधिकरण अब उसे अलग-अलग फ्लोर के हिसाब से किराए पर देने का मन बना रहा है।
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मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने 16 अगस्त को अपना कांठ रोड स्थित तीन मंजिला कार्यालय नए मुरादाबाद में शिफ्ट कर लिया था। इसके बाद पुराना कार्यालय को किराए पर देने का फैसला लिया था। कार्यालय मैन हाइवे पर ऑन रोड था इसलिए इसका किराया 21 लाख रुपये महीना तय किया गया था। प्राधिकरण की शर्त थी कि वह पूरा कार्यालय एक साथ किसी सरकारी संस्था को ही किराए पर देगा।

लेकिन इस शर्त के आधार पर कोई भी किराएदार सामने नहीं आया। दरअसल 21 लाख रुपये महीना किराया ही अपने आप में काफी अधिक था। शुक्रवार को एक बैंक के अधिकारियों ने किराए पर लेने के लिए प्राधिकरण के भवन को देखा लेकिन वह भी केवल उसकी एक मंजिल ही किराए पर लेने के इच्छुक थे। एक साथ पूरा भवन लेने वाला कोई किराएदार न मिलने पर अब प्रधिकरण इस बिल्डिंग को मंजिल वार अलग-अलग संस्था को भी किराए पर देने का मन बना रहा है।
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विरोध की वजह से लटकी थी शिफ्टिंग
दरअसल नए मुरादाबाद में एमडीए का कार्यालय कई साल पहले बन गया था। पूर्व में इसमें शिफ्टिंग भी शुरू हो गई थी, लेकिन कर्मचारी संगठनों के विरोध की वजह से यह काम लटक गया था। दो महीने पहले ही यहां आए प्राधिकरण के नए वीसी मधुसूदन हुल्गी ने सख्ती करते हुए इसे नए भवन में शिफ्ट कराया था। इस बार भी कर्मचारी संगठन इसका विरोध कर रहे थे, उनका तर्क था कि पुराने कार्यालय के पास ही आवासीय भवन हैं। नया भवन दूर होने की वजह से आने जाने में भी परेशानी होगी।

पूरा कार्यालय एक साथ किराए पर लेने के लिए कोई पार्टी नहीं आई है। शुक्रवार को एक बैंक के अधिकारी इस भवन को देखने पहुंचे लेकिन वह भी इसकी एक मंजिल किराए पर लेना चाहते हैं। इसलिए अब प्राधिकरण इस भवन को मंजिल वार अगल-अलग संस्थाओं को किराए पर देने पर विचार कर रहा है। इसके लिए उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर उस स्थान की पैमाइश कराकर मंजिल वार किराया निर्धारित किया जाएगा।
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- सर्वेश गुप्ता, सचिव एमडीए
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