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मुरादाबाद : पानी से भरे कुएं में गिरा तेंदुआ, साढ़े तेरह घंटे बाद निकाला गया

Mon, 04 Apr 2022 02:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

डिलारी के गांव सीतापुर का है मामला। तेंदुए के जंगल में जाने के बाद भी ग्रामीणों में दहशत। चर्चा है कि तेंदुआ शिकार का पीछा कर रहा होगा, उसी दौरान कुएं में गिर गया।
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कुएं से निकालने के बाद तेंदुए को जाल से ढक दिया गया... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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थाना क्षेत्र के एक गांव में आम के बाग में शनिवार रात पानी से भरे कुएं में एक तेंदुआ गिर गया। रविवार सुबह तेंदुए के दहाड़ने की आवाज सुनकर मौके पर ग्रामीण जुट गए। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम पहुंच गई। करीब साढ़े तेरह घंटे चले वन विभाग के रेस्क्यू अभियान में तेंदुए को बल्ली के सहारे निकाला गया, जिसके बाद तेंदुआ जंगल में भाग गया। जिससे ग्रामीणों में तेंदुए की दहशत बरकरार है। चर्चा है कि तेंदुआ शिकार का पीछा कर रहा होगा, उसी दौरान कुएं में गिर गया।

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थाना क्षेत्र के सीतापुर गांव निवासी उपासना का गांव में आम के बाग में एक पानी भरा कुआं है। शनिवार की रात को किसी समय एक तेंदुआ कुएं में गिर गया। रविवार की सुबह तिखूटी गांव निवासी महेंद्र सिंह को कुएं में गिरे तेंदुए की दहाड़ सुनाई दी। उसने गांव में जाकर ग्रामीणों को जानकारी दी। तेंदुए को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और फोटो-वीडियो बनाने लगे। इसी दौरान सूचना पर करीब छह बजे थानाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार व पुलिस चौकी जलालपुर प्रभारी संजय कुमार शर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। कुछ समय बाद वन विभाग के दरोगा पियुष जोशी, कपिल देव व कपिल कुमार भी अपने साथियों के साथ पहुंच गए। 

बाद में डीएफओ सूरज सिंह, डीएफओ बिजनौर, वन रेंजर हरज्ञान सिंह, वन रक्षक मंडल विजय सिंह आदि ने पहुंचकर तेंदुए को रेस्क्यू करने की योजना तैयार की। शाम करीब साढ़े सात बजे बल्ली के सहारे तेंदुए को कुएं से निकाला गया, जिसके बाद तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। वहीं जंगल में तेंदुए के जाने पर ग्रामीणों में दहशत है। 
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वन विभाग के डीएफओ सूरज सिंह ने बताया पहले हमारी योजना तेंदुए को बेहोश कर निकालने की थी। कुएं में पानी भरा होने के कारण तेंदुए की जान जा सकती थी। उसे जीवित बचाना जरूरी था। इस लिए निर्णय लिया कि दो बल्लियों को बांध कुएं में डाला जाएगा। उसके सहारे तेंदुआ निकल कर जंगल में चला जाएगा। रात को करीब साढ़े सात बजे टीम ने यही किया। जाल पड़े कुएं के अंदर दोनों बल्लियों को डाला गया। सभी लोग अपनी-अपनी गाड़ियों में बैठ गए। रस्सी के सहारे जाल के हटते ही तेंदुआ जंगल में चला गया।

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