मुरादाबाद। रमजान मुबारक के अंतिम शुक्रवार (जुमा) के मौके पर जिले भर में जुमा अलविदा की नमाज अदा की गई। जिला मुख्यालय स्थित जामा मस्जिद में नमाजियों की काफी भीड़ रही। मस्जिद परिसर के नमाजियों से भर जाने पर तमाम लोगों ने मस्जिद की छतों व उसके सामने स्थित पार्क में नमाज अदा की। कोरोना काल के दो साल बाद यह पहला ऐसा मौका था जब जामा मस्जिद समेत शहर की अन्य मस्जिदों में भी पहले जैसी रौनक देखने को मिली।
अलविदा की नमाज का समय एक बजे मुकर्रर किया गया था, लेकिन जामा मस्जिद में जगह पाने के लिए नमाजियों का पहुंचना दोपहर 11:30 बजे से ही शुरू हो गया था। 12:30 बजे तक जामा मस्जिद पूरी तरह नमाजियों से भर चुकी थी। इसके बाद तमाम लोग मस्जिद की छतों पर नमाज पढ़ने पहुंच गए। नमाज का वक्त आते-आते मस्जिद के सामने स्थित पार्क का अधिकांश भाग भी नमाजियों से भर गया। नायब शहर इमाम सैयद फहद अली ने जुमा अलविदा की नमाज अदा कराई। बाद नमाज मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली व तरक्की की दुआ की गई। नमाज से पहले नायब इमाम ने खुतबा पढ़ा। जिसमें उन्होंने बताया कि इस्लाम अमन का पैगाम देता है। उन्होंने कहा कि खुदा ने हमे इंसान बनाकर नेक काम के लिए भेजा है। इस लिए सभी को चाहिए कि वह नेक काम करे।
शहर इमाम हकीम सैयद मासूम अली आजाद ने अलविदा के मौके पर शहर के लोगों को जामा मस्जिद से खिताब करते हुए कहा कि मुसलमान वो है जिसके हाथ और जुबान से किसी को कोई तकलीफ न पहुंचे। इस लिए सभी मुस्लिमों को चाहिए कि वह कोई ऐसा कार्य न करें जिससे किसी दूसरे को कोई तकलीफ पहुंचे।