कुंदरकी में हुए सड़क हादसे में बैंक मैनेजर समेत तीन लोगों की जान चली गई। हादसे से चंद घंटे पहले बैंक मैनेजर आठ साल की बेटी को स्कूल छोड़कर ड्यूटी को निकले थे। जब परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो सभी मोर्चरी में पहुंचे। वहां बेटी के सवाल सुनकर सभी के आंसू निकल गए।
सोमवार दोपहर 12 बजे का वक्त था। जिला अस्पताल की मोर्चरी पर बैंक अधिकारी और कर्मचारियों की भीड़ थी। इसी बीच स्कूल ड्रेस में आठ साल की एक बच्ची तृषा अपनी मां अमृता के साथ पहुंची। शायद उस वक्त तक बच्ची अपने पिता की मौत से अंजान थी।
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मां की आंखों से आंसू बह रहे थे लेकिन बेटी का बार-बार एक ही सवाल था मम्मी डैडी कहां हैं। बच्ची के इस सवाल का न तो मां के पास कोई जवाब था और न ही वहां मौजूद लोगों के पास। बच्ची के इन सवालों से अन्य लोगों की आंखों से आंसू छलक आए।
लखनऊ के कृष्णा नगर सिंधु नगर सौरभ श्रीवास्तव पत्नी अमृता और आठ साल की बेटी तृषा के साथ आकाश अपार्टमेंट के फ्लैट में रहते थे। बेटी तीसरी क्लास में पढ़ रही है। रविवार को बैंक में अवकाश होने के कारण सौरभ पूरे दिन परिवार के साथ ही रहे थे।
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सोमवार सुबह बेटी को स्कूल छोड़ने के बाद सौरभ दिव्यांशु और अमित के साथ चंदौसी के लिए रवाना हो गए थे। उस वक्त उन्होंने सोचा भी नहीं होगा कि बेटी को अंतिम को बार छोड़ने जा रहे थे। चंदौसी जाते वक्त हुए हादसे में सौरभ, अमित और दिव्यांशु की मौत हो गई थी।
पुलिस ने सभी के शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिए थे। हादसे की जानकारी मिलने पर अमृता बेटी को स्कूल से लेकर सीधे मोर्चरी ही पहुंच गई थीं। तब तक एक्सिस बैंक और अन्य बैंकों का स्टाफ भी पहुंच गया था। उन्होंने मां बेटी को संभालने का प्रयास किया।
फूट-फूट कर रोए अमित के परिजन और दोस्त
मझोला के खुशहालपुर प्रीत विहार निवासी अमित राणा निजी फाइनेंस कंंपनी में डिप्टी मैनेजर थे। हादसे की जानकारी मिलने पर अमित के परिजन और दोस्त जिला अस्पताल की मोर्चरी पर पहुंच गए थे।
शुरुआत में उन्हें जानकारी मिली थी कि अमित का हादसा हो गया है और वह घायल है। उसे जिला अस्पताल भेजा गया है। जिला अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि अमित भी मौत हो चुकी है। अमित के परिवार में पत्नी चंचल, बेटा आयुष और बेटी आयुषी है। जबकि एक बहन है।