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आगे चलती थी कार, पीछे दौड़ता था खैर की लकड़ी से लदा ट्रक

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मुरादाबाद। अभिनेता अल्लू अर्जुन की बहुचर्चित फिल्म ‘पुष्पाराज’ में जिस तरह चंदन की लकड़ी की तस्करी दिखाई गई है। लगभग उसी अंदाज में खैर की लकड़ी की तस्करी का मामला सामने आया है। बिहार और झारखंड के जंगलों से चोरी कर खैर की लकड़ी हरियाणा में भेजी जा रही है। ट्रक में तिरपाल में छिपाकर लकड़ी ले जा रहे चालक और हेल्पर को वन विभाग के प्रवर्तन दल ने पकड़कर पूछताछ की तो इस तस्करी का खुलासा हुआ। आरोपी चालक ने बताया कि आगे आगे कार सवार उन्हें रास्ता बताते हैं और वो पीछे पीछे ट्रक दौड़ाते रहते हैं।
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वन विभाग के प्रवर्तन दल के सदस्य वन दरोगा राजेंद्र सिंह, उप क्षेत्रीय वनाधिकारी, वन रक्षक विकास चंद्र सिविल लाइंस क्षेत्र में कांठ रोड पर भटावली के पास सोमवार रात वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान हरियाणा में पंजीकृत नंबर का एक ट्रक आया। जिसे टीम ने रुकवा लिया। ट्रक पर तिरपाल बांधा हुआ था। चालक और हेल्पर से ट्रक में लदे सामान के बारे में पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि लोहे का स्क्रैप लदा हुआ है। तब टीम ने सदस्यों ने कागजात मांगे। इस पर चालक कोई कागजात नहीं दिखा पाया। पूछताछ करने पर चालक ने अपना नाम सोनू निवासी नरायना समालखा जनपद पानीपत (हरियाणा) और हेल्पर ने अपना नाम रविंद्र निवासी हथबाड़ा समालखा पानीपत (हरियाणा) बताया। सोनू ने बताया कि वह बिहार के पड़ाव मोड़ से लकड़ी लाद कर लाया है। बरेली से एक क्रेटा कार ट्रक के आगे आगे चल रही थी। जिसमें बैठे लोग मुझे रास्ता बताते चल रहे थे। मुझे लकड़ी पानीपत (हरियाणा) की एक फैक्टरी में पहुंचानी थी। आरोपी ने बताया कि वह पहले भी दो बार इसी तरह लकड़ियां पहुंचा चुका है। वन दरोगा राजेंद्र सिंह ने बताया कि चालक और हेल्पर के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम की धारा 41, 42, 65, 69 में केस दर्ज किया गया है। दोनों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
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