कांठ। सावन माह की शिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए उत्तराखंड की देवनगरी हरिद्वार से लगातार हो रही कांवड़ियों की वापसी से कांठ-मुरादाबाद मार्ग बम भोले के जयकारों से गूंज उठा है। भजनों पर कांवड़िये नाचते-गाते अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। जिससे कांठ और छजलैट क्षेत्र का वातावरण शिवमय हो गया है।
23 जुलाई को शिवरात्रि और 28 जुलाई को सावन का तीसरा सोमवार है। जिसके मद्देनजर कांवड़ियों द्वारा देवनगरी हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर आने का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। बारिश के दौरान भी महादेव की भक्ति में चूर कांवड़िये अपने अलग-अलग अंदाज में कांधे पर कांवड़ धारण किए लगातार मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। कोई घुंघरूओं की झम-झम तो कोई डीजे पर बज रहे धार्मिक भजनों पर झूमते हुए जाता हुआ दिखाई दे रहा है। सोमवार को कांठ और छजलैट क्षेत्र से बदायूं, पीलीभीत, बरेली, बहेड़ी, बिलारी, रामपुर, मिलक, टांडा, बिलासपुर आदि तमाम स्थानों के कांवड़ जत्थे होकर गुजरे। खबर लिखे जाने तक भारी संख्या में कांवड़ियों के आने का सिलसिला जारी था। वहीं कांवड़ियों की संख्या बढ़ने से पुलिस ने कांवड़ यात्रा मार्ग की व्यवस्था को पूरी तरह से संभाल लिया है। पुलिस लगातार कांवड़ यात्रा मार्ग पर भ्रमण कर सुरक्षा का जायजा ले रही है। एसडीएम संत दास पंवार और सीओ गौरव कुमार त्रिपाठी ने भी कांवड़ यात्रा मार्गों का दौरा किया है।