रामपुर सेशन कोर्ट ने जौहर विश्वविद्यालय के मुख्य गेट को अवैध मानते हुए 1.63 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। हाईकोर्ट के आदेश पर अब जौहर ट्रस्ट ने जुर्माने की एक तिहाई राशि को जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए उनके अधिवक्ता की ओर से एसडीएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया है।
जौहर विश्वविद्यालय के मुख्य गेट को तोड़े जाने के मामले में पिछले माह सेशन कोर्ट ने एसडीएम सदर कोर्ट के आदेश को बहाल रखते हुए विश्वविद्यालय के मुख्य गेट को अवैध मानते हुए इसे तोड़ने के आदेश जारी किए थे। साथ ही कोर्ट ने 1.63 करोड़ रुपये का जुर्माना भी डाला था, जिसके बाद जौहर ट्रस्ट की ओर से इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।
हाईकोर्ट ने इस मामले में सेशन कोर्ट के गेट तोड़ने के आदेश पर तो रोक लगा दी थी,लेकिन सेशन कोर्ट द्वारा लगाए गए जुर्माना राशि के आधार पर जुर्माना धनराशि जमा करने के आदेश दिए थे।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब जौहर ट्रस्ट के अधिवक्ता ने एसडीएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है, जिस पर उन्होंने कुल जुर्माना धनराशि की एक तिहाई धनराशि को जमा करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। साथ ही पूछा है कि यह धनराशि किस मद में जमा की जाएगी।