फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजम खां को झटका: शत्रु संपत्ति मामले में जमानत याचिका खारिज, साल 2019 में दर्ज हुआ था मुकदमा

Wed, 04 Aug 2021 07:08 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

सपा सांसद आजम खां की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। शत्रु संपत्ति पर कब्जा कर जौहर विवि में मिलाने के आरोप के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खां की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
 
विज्ञापन
सांसद आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां द्वारा शत्रु संपत्ति पर कब्जा कर जौहर विवि में मिलाने के आरोप के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। जिसमें आजम खां के जमानत प्रार्थना पत्र पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया है।
विज्ञापन


सपा सांसद आजम खां की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। जौहर विवि गेट मामले में सोमवार को सेशन कोर्ट ने फैसला सुनाया। जिसमें सेशन कोर्ट ने गेट हटाए जाने के एसडीएम कोर्ट के आदेश को यथावत रखते हुए जौहर विवि प्रबंधन की अपील को खारिज कर दिया था। 

अब बुधवार को भी आजम खां के लिए परेशानी बढ़ाने वाली खबर आई है। बुधवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में शत्रु संपत्ति कब्जाने के आरोप के मामले में आजम खां के जमानत प्रार्थना पत्र को कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
विज्ञापन


सांसद आजम खां के खिलाफ साल 2019 में शत्रु संपत्ति पर कब्जा कर जौहर विश्वविद्यालय में मिलाने के आरोप में अजीमनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस की ओर से चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। इस मामले में सांसद आजम खां ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत के लिए एमपी-एमएलए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। जिसके बाद कोर्ट में आजम खां के इस जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई चल रही थी। 
विज्ञापन

इस मामले में शुक्रवार 30 जुलाई को कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान बहस की प्रक्रिया पूरी हो गई थी और चार अगस्त की तारीख निर्धारित हुई थी। बुधवार चार अगस्त को इस मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए आजम खां का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है। 

जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता रामऔतार सिंह सैनी ने बताया कि कोर्ट ने शत्रु संपत्ति कब्जाने के आरोप के मामले में सांसद आजम खां का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें