मुरादाबाद। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन का आंदोलन जारी है। पांचवें दिन मंगलवार को भी दो घंटे कार्य बहिष्कार कर फार्मासिस्टों ने ओपीडी के सामने धरना दिया।
मंडलीय सचिव हेमंत चौधरी ने कहा कि प्रदेशभर में आंदोलन कर रहे फार्मासिस्टों को महानिदेशक स्वास्थ्य ने एस्मा का भय दिखाया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। स्वास्थ्य महानिदेशक ने विभागीय अफसरों को निर्देश जारी किया है कि वर्तमान में आवश्यक सेवा संरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू है। फार्मासिस्ट कार्य पर लौटे अन्यथा उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी। शासन धमकी की बजाय मांगों के संबंधित शासनादेश जारी करें तभी आंदोलन रुकेगा। जिला मंत्री शिशुपाल सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में संवादहीनता और अफसरशाही आंदोलन को जन्म देती है।
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के निर्देशों के बावजूद शासन और प्रशासन द्वारा अड़ियल रवैया अपनाकर फार्मासिस्टों के आंदोलन को गंभीर करने का प्रयास किया जा रहा है, प्रदेश का फार्मासिस्ट संघर्ष के लिए तैयार है। इस दौरान जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह, निश्चल भटनागर, कुंदन सिंह, कैलाश रावत, जीबी शर्मा, हरी बाबू शाक्यवार, दौलत सिंह चौहान, राम जानी, पंकज पांडे, राजेश पाठक, पीपी सिंह, केएस बोहरा आदि मौजूद रहे।