पंजाब से 585 किलोमीटर दूर मुरादाबाद में जिस हमसफर ने जीवनभर साथ निभाने का वादा किया था। उसने ही पत्नी का उत्पीड़न किया। घर के बाहर उसे अकेला छोड़ दिया गया। दर-दर की ठोकरें खा रही युवती न्याय की उम्मीद में पुलिस के पास पहुंची तो यहां भी उसका उत्पीड़न किया गया। पुलिस की कार्यशैली से पीड़ित इस कदर टूट चुकी है कि अब वो बोल रही कि इस बेरहम पुलिस की मदद से तो ससुराल का उत्पीड़न ही ठीक था। एक कैदी की तरह युवती को वन स्टॉप सेंटर से कोतवाली लाया जाता है और शाम को फिर सेंटर में भेज दिया जाता है। अफसरों से शिकायत करने पर पुलिस वाले बुरा भला बोल रहे हैं।
पंजाब के फिरोजपुर सिटी निवासी युवती शालू की शादी कोतवाली क्षेत्र के सागर सराय निवासी दीपक धवन के साथ हुई थी। शादी के बाद चार माह बाद ही दंपती के बीच विवाद शुरू हो गया था। इसके बाद शालू अपने मायके चली गई थी। कुछ दिन पहले शालू अपनी मां के साथ ससुराल आ गई थी। बताया जा रहा है कि चौदह मार्च को दीपक के परिवार के सभी लोग गुरुद्वारा गए थे। शालू और उसके मां बाप भी वहां गए थे। आरोप है कि वहां से एक एक करके शालू की ससुराल के सभी लोग गायब हो गए।
शालू अपने मां बाप के साथ सागर सराय पहुंची तो मकान पर ताला लगा हुआ था। इसके बाद शालू मकान के बाहर धरने पर बैठ गई थी। दो दिन बाद पुलिस ने उसे कार्रवाई का आश्वासन देकर गांगन तिराहा स्थित वन स्टॉप सेंटर भेज दिया था। इसी बीच युवती की दादी की तबीयत खराब हो गई थी। तब वह अपनी मां के साथ पंजाब चली गई थी। 24 मार्च की सुबह शालू मुरादाबाद लौट आई और सीधे ससुराल में पहुंच गई। यहां उसे देखकर ससुरालियों ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया था और पड़ोस के मकान से उतर कर गायब हो गए थे। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शालू को तीन दिन में कार्रवाई करने का आश्वासन देकर वन स्टॉप सेंटर भेज दिया था। अब धीरे धीरे 17 दिन बीत चुुके हैं, लेकिन शालू की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। शालू ने बताया कि उसे सुबह को वन स्टॉप सेंटर से कोतवाली लाया जाता है। यहां दिन भर उसे कोतवाली में बैठाया जाता है और शाम को फिर से वन स्टॉप सेंटर में भेज दिया जाता है।
एसएसपी से शिकायत करने पर दरोगा और इंस्पेक्टर की अभद्रता
मुरादाबाद। पीड़ित शालू ने बताया कि रोजाना उसे कोतवाली में बुलाया जाता है, लेकिन उसके मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वह इस मामले में एसएसपी से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराना चाहती है, मगर पुलिस एसएसपी दफ्तर तक भी उसे नहीं जाने दे रही है। गुरुवार को युवती ने इस मामले की शिकायत एसएसपी को फोन की। इससे इंस्पेक्टर और महिला सब इंस्पेक्टर भड़क गए और युवती को बुरा भला कहा। इसके बाद उसे फिर से वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया है।
कोतवाली में पति, सास और ससुर को नहीं बुलाती पुलिस
मुरादाबाद। पीड़ित युवती का कहना है कि उसे बातचीत करने के लिए कोतवाली तो बुला लिया जाता है। लेकिन पति, सास ससुर को नहीं बुलाया जाता। पति के पक्ष में दूसरे लोग पहुंच जाते हैं। अगर पुलिस इन लोगों को यहां बुलाए तो बातचीत आगे बढ़ सकती है।
कोतवाली पुलिस को निर्देशित किया गया है। इस मामले में पूरी गंभीरता के साथ कार्य करे। युवती को कानून के तहत न्याय दिलाया जाएगा। वन स्टॉप सेंटर में युवती की काउंसलिंग की जा रही है। अगर युवती केस दर्ज कराना चाहती है तो तहरीर दे। उसके साथ पुलिस कर्मियों ने अभद्रता की तो लिखित शिकायत दे। इस मामले की भी जांच करा ली जाएगी।
बबलू कुमार, एसएसपी