मुरादाबाद। मैनाठेर के बहुचर्चित हिस्ट्रीशीटर मोअज्जम हत्याकांड के मुजरिम मुनाजिर की शनिवार सुबह मौत हो गई। वह बारह साल से जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा था। मोअज्जम हत्याकांड में मुरादाबाद देहात विधान सभा के पूर्व विधायक उस्मानउलहक भी दोषी हैं।
भोजपुर थानाक्षेत्र के पीपलसाना निवासी मोअज्जम की बीस सितंबर 2000 को मैनाठेर थानाक्षेत्र मे गांगन तिराहे के पास गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में पीपलसाना निवासी पूर्व सपा विधायक उस्मानउल हक, सलमान, अब्दुल गनी और मैनाठेर के अल्लाहपुर भीकन निवासी मुनाजिर को दोषी मानते हुए 14 मई 2009 को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद शासन के आदेश सभी पर दोषियों को अलग-अलग जेलों में शिफ्ट कर दिया गया था।
कैदी मुनाजिर को केंद्रीय कारागार बरेली भेज दिया गया था। वहां से शासन के आदेश पर मुनाजिर को पंद्रह फरवरी 2014 में वापस मुरादाबाद की जिला जेल में भेज दिया गया था। जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि सजायाफ्ता कैदी मुनाजिर को दिल की बीमारी थी। शनिवार सुबह अचानक उसके सीने में तेज दर्द उठा था।
मुनाजिर को पहले जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां हालत में सुधार न होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। शनिवार सुबह करीब सवा तीन बजे उसकी मौत हो गई। सीओ सिविल लाइंस इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि पैनल में शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।