मुरादाबाद। अभिनेत्री व रामपुर की पूर्व सांसद जयाप्रदा पर अभद्र टिप्पणी के मामले में अदालत ने वादी के जमानती वारंट जारी के दिए गए थे। जिसे मंगलवार को हाजिर होना था, लेकिन मंगलवार को भी वादी अदालत में हाजिर नहीं हुआ। इस कारण मामले में सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने सुनवाई के लिए 26 अप्रैल दी है।
कटघर थानाक्षेत्र में 30 जून 2019 को एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। जिसमें रामपुर की पूर्व सांसद व अभिनेत्री जयाप्रदा के ऊपर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप समारोह के आयोजक मोहम्मद आरिफ, पूर्व मंत्री एवं रामपुर के सपा विधायक आजम खां, स्वार क्षेत्र के सपा विधायक अब्दुल्ला आजम, मुरादाबाद के सपा सांसद डा. एसटी हसन और मोहम्मद अजहर पर लगा था।
मामले की सुनवाई एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में चल रही है। विशेष लोक अभियोजक मोहनलाल विश्नोई ने बताया कि मुकदमे के गवाह एवं वादी रामपुर की पूर्व सांसद जयाप्रदा के मुख्य सलाहकार मुस्तफा निवासी सिविल लाइंस रामपुर को कई बार अदालत ने समन के माध्यम से तलब किया गया था। किंतु वह गैरहाजिर रहे। जिनके खिलाफ अदालत ने पिछली तिथि पर वारंट जारी कर दिए थे और मंगलवार को तलब किया था।
मंगलवार को भी वादी अपने बयान दर्ज कराने अदालत में नहीं आए हैं। इस वजह से मंगलवार को अदालत ने मुस्तफा के खिलाफ पुन: वारंट जारी करते हुए मुकदमे में 26 अप्रैल लगा दी है। साथ ही बताया कि आजम खां के खिलाफ चल रहे एक अन्य मामले में अदालत की अवमानना के मुकदमे में भी सुनवाई के लिए 26 अप्रैल नियत की गई है।