जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण एवं वादी पक्ष की ओर से गवाह हाजिर नहीं होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी।
रामपुर की पूर्व सांसद व अभिनेत्री जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण एवं वादी पक्ष की ओर से गवाह हाजिर नहीं होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मुकदमे में गवाह प्रस्तुत करने के लिए चार नवंबर नियत की गई है।
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वर्ष 2019 में थाना कटघर क्षेत्र के मुस्लिम डिग्री कालेज में सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। जिसमें आजम खां भी शामिल हुए थे। जहां उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने व मुरादाबाद के सांसद डॉ. एसटी हसन समेत अन्य सपाइयों ने जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिस पर आजम खां, डॉ. एसटी हसन, अब्दुल्ला आजम, फिरोज खां व आयोजक मोहम्मद आरिफ, रामपुर के पूर्व चेयरमैन अजहर खान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोपियों पर आरोप तय हो चुके हैं। पत्रावली एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट एसीजेएम चतुर्थ स्मिता गोस्वामी की कोर्ट में पेश की गई। विशेष लोक अभियोजक मोहनलाल विश्नोई ने बताया कि मुकदमे में मंगलवार को वादी पक्ष की ओर से गवाही होनी थी लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल होने और गवाह नहीं आने की वजह से मुकदमे में सुनवाई के लिए चार नवंबर लगा दी गई।