फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यतीमखाना प्रकरण 000

विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर। सपा सांसद आजम खां के खिलाफ यतीमखाना प्रकरण में दर्ज सात मामलों में डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र पर गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता की ओर से आपत्ति दाखिल की गई। जिस पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने प्रति आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा है। कोर्ट अब इन मामले में सुनवाई पांच और सात मार्च को करेगी।
विज्ञापन

साल 2019 में सपा सांसद आजम खां, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां, रिटायर्ड सीओ आलेहसन, सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल समेत कई अन्य आरोपियों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसमें आरोप था कि सपा सांसद आजम खां के इशारे पर यतीमखाना बस्ती में रह रहे लोगों के साथ मारपीट, लूटपाट की गई। साथ ही उनके घरों को भी ध्वस्त कर दिया गया था। इस मामले में ही आजम खां के खिलाफ भैंस चोरी, बकरी चोरी जैसे आरोप भी रिपोर्ट में शामिल हैं। हालांकि, इन मामलों में आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है।
इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल कोर्ट) में चल रही है। जिसमें पूर्व में बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से सपा सांसद आजम खां पर लगे आरोपों को लेकर डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था। जिस पर गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता कमल कुमार गुप्ता ने डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र पर आपत्ति दाखिल की। इसके बाद बचाव पक्ष की ओर से समय की मांग की गई। सहायक शासकीय अधिवक्ता कमल कुमार गुप्ता ने बताया कि कोर्ट इन मामले की सुनवाई पांच और सात मार्च को करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें