मुरादाबाद। सुप्रीम कोर्ट ने सभी बोर्डों को हाईस्कूल और इंटर के विद्यार्थियों की परीक्षा ऑफलाइन माध्यम से कराने के निर्देश दिए हैं। मुरादाबाद जनपद में यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसी के 504 विद्यालयों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में 92 हजार 149 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। पिछले दो वर्षों से ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को अब ऑफलाइन माध्यम से परीक्षा की तैयारी करने में जुट गए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल में आकर ज्यादा पढ़ाई हो पा रही है। वह लिखने के अभ्यास पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। वहीं, प्रधानाचार्यों का कहना है कि टॉपिक के हिसाब से टेस्ट लेकर विद्यार्थियों की तैयारी परख रहे हैं।
इस वर्ष मुरादाबाद जनपद में यूपी बोर्ड में करीब 80 हजार और सीबीएसई में आठ हजार 149 और आईसीएससी में करीब चार हजार विद्यार्थी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा देंगे। आईसीएससी की सिटी कोआर्डिनेटर डॉ. इंदू पारिख ने बताया कि बोर्ड की ओर से परीक्षाओं का समय अप्रैल माह के आखिरी सप्ताह को निर्धारित किया गया है। यह परीक्षा सब्जेक्टिव होगी। तीसरी लहर में एक महीने ही विद्यालय बंद रहे हैं, लेकिन पिछले दो वर्षों की ऑनलाइन पढ़ाई का प्रभाव दिखाई दे रहा है। बच्चों में लिखने के अलावा याद करने की क्षमता भी प्रभावित हुई है। इस बार सबसे बड़ी समस्या विद्यार्थियों की उपस्थिति की आ रही है। वह नियमित विद्यालय नहीं आ रहे हैं, जबकि उनकी बोर्ड परीक्षा हैं। बच्चों का परिणाम बेहतर आए, इसके लिए अभी से अभिभावकों को ध्यान देना होगा। उनके सहयोग के बगैर विद्यार्थियों के अच्छे प्रदर्शन पर आशंका है।
यह बोले विद्यार्थी...
स्कूल में तैयारी करवाई जा रही है। कुछ सिलेबस अधूरा है। घर पर हमें अन्य काम होते हैं, जिसके चलते हम घर पर कम पढ़ाई करते हैं और स्कूल में ज्यादा पढ़ाई करते हैं। घर पर नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या भी रहती है। अब पूरा ध्यान लिखने के अभ्यास पर दे रही हूं।
अशी तोमर कक्षा 10।
बोर्ड परीक्षा ऑफलाइन होगी तो परिणाम बेहतर करने के लिए कड़ी मेहनत करनी है। स्वाध्याय से ही मेरे अच्छे अंक आते हैं। मुझे जो समझ नहीं आता है मैं अपने टीचर से पूछ लेती हूं। कोरोना काल में पढ़ाई प्रभावित होने की वजह से याद करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही है।
गौरवी प्रजापति, कक्षा दस।
सब्जेक्टिव परीक्षा होने की वजह से लिखना ज्यादा पड़ेगा। इसलिए मैं लिख-लिख कर याद कर रहा हूं। इससे पढ़े हुए चैप्टर को भूलने की आशंका कम हो रही है और तैयारी अच्छी हो रही है। आखिरी समय सिर्फ रिवीजन का रखूंगा।
आदर्श अनु, कक्षा 12।
बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों की वजह से मैं नियमित विद्यालय आ रहा हूं। मेरे अभिभावक इसमें सहयोग कर रहे हैं। प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित कर याद कर रहा हूं। जो टॉपिक समझ में नहीं आते हैं, उनको मैं क्लास के बाद शिक्षक से पूछ लेता हूं, ताकि आखिरी समय तक कोई टॉपिक शेष न बचे।
उत्कर्ष सक्सेना, कक्षा 12।
हर बच्चे का आकलन अलग-अलग किया जा रहा है। टॉपिक के हिसाब से टेस्ट ले रहे हैं, ताकि हमें पता चल सके कि किस बच्चे को किस टॉपिक में परेशानी है। बोर्ड परीक्षा 26 अप्रैल से हैं। हमारे पास दो माह का समय है। इसमें प्रैक्टिकल करवाने के अलावा दो बार प्री बोर्ड परीक्षाएं करवाएंगे।
सुरिंदर सिंह, प्रधानाचार्य, केसीएम स्कूल।