मुरादाबाद। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर निगम खुले में कूड़ा मुक्त शहर का दावा कर चुका है, लेकिन हकीकत इससे इतर है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए जिन कंपनियों को नगर निगम ने जिम्मा सौंपा है उनके भी वाहन डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए कई स्थानों पर नहीं पहुंच रहे हैं। इसके चलते शहर के करीब 80 से 100 स्थानों पर कूड़े का ढेर जहां-तहां पड़ा नगर निगम के दावों को खोखला साबित कर रहा है।
शहर की बुद्धिविहार कॉलोनी में एलआईसी दफ्तर के पास ग्रीनबेल्ट की भूमि में कूड़े के ढेर से निकलने वाली दुर्गंध के कारण लोग काफी दिनों से परेशान हैं। नगर निगम की टीम द्वारा ग्रीन बेल्ट से अतिक्रमण हटाने के दौरान भी आसपास के लोगों ने इस पर एतराज जताया था। खास बात यह है कि यह कूड़ा वहां आसपास रहने वाले लोग लाकर नहीं डालते, बल्कि कॉलोनी में प्राइवेट तौर पर नगर निगम की ठेलियों से घरों से कूड़ा एकत्र करने वाले सफाई कर्मचारी उसे लाकर वहां डालते हैं। मंडी समिति मार्ग पर पहले तीन स्थानों पर बड़ी डस्टबिन रखीं थीं।
शहर को कूड़ा मुक्त घोषित कराने के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान नगर निगम ने इन डस्टबिनों को हटवा दिया, लेकिन यहां भी डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था फेल होने के कारण लोगों ने जहां पहले डस्टबिन रखी थी वहां कूड़ा डालने लगे। लिहाजा मंडी समिति गेट के सामने डिवाइडर के पास समेत मंडी रोड पर तीन स्थानों पर लोग कूड़ा डाल रहे हैं।
इसके अलावा असालतपुरा मार्ग, ईदगाह रोड, करूला, जयंतीपुर समेत कई स्थानों पर सड़क किनारे प्रतिदिन सुबह से दोपहर तक पड़ा रहता है। इससे निकलने वाली दुर्गंध के कारण वहां से गुजरने वाले लोगों को खासी परेशानी होती है। कमोवेश यही स्थिति लगभग सभी 70 वार्डों की है। इन वार्डों में करीब 80 स्थानों पर खुले में पड़ा कूड़ा नगर निगम के न सिर्फ कूड़ा मुक्त शहर के दावे की पोल खोल रहा है, बल्कि उससे मच्छरजनित व अन्य संक्रामक रोगों के भी फैलने का खतरा पैदा हो गया है।