मुरादाबाद। एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत एक अन्य को अदालत ने जानलेवा हमले में दोषी करार देते हुए चार साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक अभियुक्तों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, आलोक उर्फ कुलदीप सिंह के गैरहाजिर चलने की वजह से उसकी पत्रावली पृथक कर दी गई है।
थाना बिलारी में 30 मई 2016 को जोगेंद्र ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी थी। पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि ग्राम अडोला माफी में बैलों की दौड़ कराई जा रही थी। अडोला माफी के रहने वाले बबलू के बैलों की जोड़ी जीत रही थी। सभी इसका जश्न मना रहे थे। इस बीच ग्राम भड़कऊ व सरथल एवं चचेरा के रहने वाले आलोक उर्फ कुलदीप सिंह पुत्र सतवीर, शीतल उर्फ संजू कुमार पुत्र प्रेम सिंह, दिनेश, राहुल व सचिन पुत्रगण कुंवरपाल ने जोगेंद्र पर हमला कर दिया, जिसे बचाने आए सुरेंद्र व महेंद्र की भी लाठी डंडों से पिटाई की, जिससे यह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज (षष्टम) रणजीत कुमार की अदालत में की गई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश कुमार कश्यप ने बताया कि दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों को घटना दोषी करार पाते हुए शीतल उर्फ कुलदीप सिंह, दिनेश, राहुल, और सचिन को चार साल की सजा सुनाई है।