मुरादाबाद। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान एचआईवी के मरीज बढ़े हैं। जिला अस्पताल के आईसीटीसी (इंट्रीग्रेट काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर) में 11 महीनों में हुई जांच में हर 42वां मरीज एचआईवी संक्रमित मिला। सेंटर में 9252 सैंपलों की जांच में 216 मरीज एचआईवी संक्रमित पाए गए, जबकि पिछले साल एचआईवी के 128 केस मिले थे।
कोरोना संक्रमण काल में एचआईवी की जांच नहीं रुकी। कोरोना की पहली लहर हो या दूसरी लहर जागरूक मरीज डॉक्टरों की सलाह पर जांच कराने जिला अस्पताल के आईसीसीटीसी पहुंचते रहे। पिछले साल आठ महीने में आईसीटीसी में 4020 मरीज जांच कराने पहुंचे थे। इसमें 128 मरीज एचआईवी पीड़ित पाए गए थे। दूसरी लहर में भी मरीजों की एचाआईवी जांच जारी रही। इस साल जांच का दायरा बढ़ा तो मरीजों की संख्या भी बढ़ गई। जनवरी से नवंबर तक आईसीटीसी में 9252 की एचआईवी जांच की गई। इसमें 216 मरीज पॉजिटिव मिले। इलाज के लिए इन मरीजों का एआरटी (एंटी रिटरोवायरल थेरेपी) सेंटर में रजिस्ट्रेशन कराया गया है, जहां से उन्हें दवाइयां मुहैया कराई जाती है।
किस महीने कितने मिले एचआईवी पॉजिटिव
माह---टेस्टिंग--पॉजिटिव
जनवरी--840----27
फरवरी--1058---34
मार्च----1017---37
अप्रैल---706----07
मई-----599----02
जून----886----29
जुलाई---776----20
अगस्त---876----32
सितंबर--992----12
अक्तूबर--786----07
नवंबर---736----09
मई में 599 पीड़ितों की हुई थी जांच
मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के साथ एचआईवी की जांच और मरीजों की संख्या में गिरावट आई। मई में सबसे कम एचआईवी के दो केस मिले। इस महीने सिर्फ 599 जांच हुई थी।
एआरटी सेंटर में 3457 मरीज पंजीकृत
मुरादाबाद। जिला अस्पताल में संचालित एआरटी सेंटर में एचआईवी के 3457 मरीज पंजीकृत हैं। इसमें मंडल के अमरोहा, रामपुर, संभल समेत दूसरे जिलों के भी शामिल हैं।
एचआईवी से लड़ने के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार
मुरादाबाद। आईसीटीसी के प्रभारी डा. राजेंद्र सिंह सैनी ने बताया कि एचआईवी से लड़ने के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। लोग भी पहले से अधिक जागरूक हुए हैं। इसके चलते एचआईवी के मरीज सामने आने लगे है। इस साल नवंबर तक एचआईवी के करीब 216 मरीज मिल चुके हैं।