मुरादाबाद। शहर के अंदर अब सीएनजी से चलने वाले यूरो-टू ऑटो रिक्शा की आयु 10 से बढ़ाकर 15 साल कर दी गई है। बिना रजिस्ट्रेशन अवैध ई-रिक्शा निर्माण कर रही एजेंसियों पर कार्रवाई करने सहित कई निर्णय लिए गए हैं।
मंगलवार को मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। शहर के अंदर सीएनजी चलित यूरो-2 श्रेणी के ऑटो रिक्शा की आयु सीमा बढ़ाने पर चर्चा हुई।
ऑटो रिक्शा वाले आयु सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों का मत था कि पुराने वाहन होने की वजह से इनका प्रदूषण स्तर अधिक हो सकता है। इसलिए इनकी आयु 10 साल ही रखी जाए। कमिश्नर का कहना था कि जब पॉलिसी में उम्र 15 साल है तो इसे 10 साल करना उचित नहीं है। पूर्व में इसे 10 साल की गई थी। इसलिए महानगर की सीमा में अब इन वाहनों की आयु सीमा 15 साल करने का निर्णय लिया गया।
मंडलायुक्त ने कहा कि शहर में आधे से अधिक अवैध ई-रिक्शा चल रही हैं। यदि इनसे कोई दुर्घटना या हादसा हो जाए तो उन्हें पकड़ना संभव नही होगा। इसलिए शहर में अवैध ढंग से इन ई-रिक्शाओं को बनाने वाली फर्मों को चिह्नित कर उन्हें बंद कराया जाएगा या उन्हें पंजीकृत कराया जाएगा। पंजीकृत कंपनी ही ई-रिक्शा बनाएंगी और इनसे खरीदी गई ई-रिक्शा का पंजीकरण कर उन्हें नंबर देकर वैध किया जाएगा ताकि किसी भी घटना पर इनकी पहचान हो सके।
संभल से गुन्नौर गवां तक मार्ग को बढ़ाकर उसे अनूपशहर तक करने का भी निर्णय लिया गया।। प्राइवेट वाहन संचालकों द्वारा इसकी मांग की जा रही थी। कई वाहन संचालकों द्वारा वाहनों के नाम परिवर्तन के लिए आवेदन लगाए थे इन्हें भी स्वीकृत कर लिया गया। पांच लोगों ने अलग-अलग मार्ग पर अपने वाहन चलाने के लिए परमिट का आवदेन किया था, जिसे मंजूर कर लिया गया।