मंगलवार को काली पट्टी बांधकर कार्य किया। साथ ही बुधवार को एक घंटे का कार्य बहिष्कार करने की घोषणा की। मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर समेत पूरे प्रदेश में विरोध सभाएं आयोजित की गईं। विद्युत अभियंता संघ के अध्यक्ष वीपी सिंह ने कहा कि वर्ष 2000 में राज्य विद्युत परिषद के विघटन के समय कारपोरेशन का घाटा 77 करोड़ था।
वर्तमान में यह घाटा 95 हजार करोड़ से अधिक हो गया है। इससे यह स्पष्ट है कि विघटन एक विफल प्रयोग रहा है। अभियंताओं की मांग है कि सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण कर यूपीएसईबी लिमिटेड का गठन किया जाए। पदोन्नति के नियमों में किए गए परिवर्तन वापस लिए जाएं। सभी संसूचित अस्पतालों में कैशलेस मेडिकल की सुविधा दी जाए। उत्पादन निगम में 2008 ई एंड एम बैच और 2011 सिविल बैच की पदोन्नतियां की जाएं।
अभियंता संघ ने समस्याओं के निराकरण के लिए ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील की है। विरोध सभा में अधीक्षण अभियंता शुभेंदु प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार, प्रमोद गोगनिया, सहायक अभियंता विश्वजीत चौधरी, विक्रम सिंह, अनूप सिंह, उपदेश कुमार आदि मौजूद रहे।