मुरादाबाद। स्पोर्ट्स कारोबारी कुशांक गुप्ता हत्याकांड की तफ्तीश में जुटी सिविल लाइंस पुलिस ने शनिवार शाम को नामजद दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। कुशांक के पिता की तहरीर पर ही इनके खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था। इस चर्चित हत्याकांड में हर कोई जानना चाहता था किस विवाद में कुशांक की हत्या की गई थी, लेकिन पुलिस ने दोनों आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किए बिना ही चालान कर दिया। पुलिस का कहना है कि अभी एफआईआर के आधार पर गिरफ्तारी की गई है। केस की विवेचना अभी जारी है।
सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के अरन्या सिग्नेचर अपार्टमेंट निवासी अशोक गुप्ता के तीस वर्षीय बेटे कुशांक गुप्ता की बारह जनवरी की रात रामगंगा विहार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कुशांक की सिद्घवली नाम से स्पोर्ट्स एवं गिफ्ट की दुकान है। घटना के समय उनका कर्मचारी शिवम निवासी गंगा मंदिर हरथला दुकान बंद कर रहा था, जबकि वह दुकान के बाहर कुत्ते को गोद में लेकर टहल रहे थे। इसी दौरान वह कुत्ते को कार में रखने लगे थे। तब ही एक युवक पैदल आया और कुशांक की कनपटी पर तमंचा सटाकर गोली मार दी थी। पुलिस ने कुशांक के पिता अशोक गुप्ता की तहरीर पर बिजनौर जनपद के नूरपुर थानाक्षेत्र के कबीर नगर निवासी प्रियांशु गोयल और उसके भाई दवा व्यापारी हिमांशु गोयल के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
पुलिस ने बताया कि वादी ने केस में बताया कि जब वह दुकान पर पहुंचे तो उनका बेटा खून से लथपथ हालत में सड़क पर पड़ा था। उसने ही मरने से पहले आरोपी प्रियांशु और उसके हिमांशु के नाम बताए थे। पुलिस ने तीन दिन तक कुशांक के विवादों की जांच की। इसके बाद पुलिस ने शनिवार रात आरोपी नामजद दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि प्रियांशु से 27 नवंबर को दुकान खाली कराने को लेकर विवाद हुआ था। सिविल लाइंस थाना प्रभारी आरपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी प्रियांशु और हिमांशु को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। इस मामले की तफ्तीश अभी जारी है। तफ्तीश में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उन्हें केस में शामिल किया जाएगा।