कोरोना की संभावित चौथी लहर से मुकाबला करने की पुख्ता तैयारी के दावे की पोल रिहर्सल में खुल गई है। मुरादाबाद के शरीफ नगर और डिलारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ऑक्सीजन प्लांट की क्रियाशीलता परखने पहुंची चिकित्सकों की टीम को वार्ड में बेड पर ऑक्सीजन प्रेशर नहीं मिला। अधिकारियों का कहना है कि शासन को स्थिति से अवगत करा दिया गया है। समस्या के समाधान के लिए संबंधित एजेंसी को भी पत्र लिखा गया है।
कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों को ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ा था। इस तरह की परेशानी का दोबारा सामना न करना पड़े, इसके लिए जिला अस्पताल, कुंदरकी, मूंढापांडे, डिलारी और शरीफ नगर में ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। शासन के निर्देश पर लखनऊ से आए स्वास्थ्य अधिकारियों ने और स्थानीय स्तर के अधिकारियों ने मिलकर ऑक्सीजन केंद्रों का फुल रिहर्सल किया। यहां पर दिखाया गया कि अस्पताल में मरीज आते ही उसका किस तरह से उपचार करना है और किस तरह ऑक्सीजन लगानी है।
निरीक्षण के लिए लखनऊ से संयुक्त निदेशक मानसिक स्वास्थ्य डॉ. सुनील पांडेय आए थे। कुंदरकी में जिला नोडल अधिकारी डॉ. मनोज चौधरी, मूंढापांडे में डीपीओ डॉ. एनके कुरैशिया, डिलारी में एडीशनल सीएमओ डॉ. रामकिशोर, शरीफ नगर में नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, वाइपेप मशीन को चलाकर देखा। सुबह दस बजे से दोपहर तीन बजे तक ऑक्सीजन प्लांट को भी चलाकर उनके प्रेशर की जांच की गई।
डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव ने बताया कि डिलारी और शरीफ नगर में ऑक्सीजन प्लांट के मैनीफोल्ड रूम में कनेक्शन की वजह से समस्या आई है। इसके कारण बेड पर ऑक्सीजन का प्रेशर नहीं पहुंच रहा है। यह दोनों प्लांट लघु उद्योग विकास निगम लिमिडेट ने लगाया है। इस समस्या के समाधान के लिए एजेंसी को लिख दिया गया है। वहां से इंजीनियर आकर ही इसे ठीक करेगा। उन्होंने कहा कि अभी आईसीएमआर ने चौथी लहर की आशंका से अभी इनकार किया है, लेकिन हमें सतर्क रहना है और अपनी तैयारियां पूरी रखनी हैं।