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देहरादून में हैवानियत: 12 दिन पहले घर से गायब हो गई थी पीड़िता, मानसिक स्थिति कमजोर, मुरादाबाद से परिजन रवाना

Mon, 19 Aug 2024 11:06 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

देहरादून में सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता मुरादाबाद जिले की रहने वाली है। दून पुलिस की सूचना पर स्थानीय पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क किया। इसके बाद पीड़िता के परिजन देहरादून के लिए रवाना हो गए हैं। उसके परिजनों ने बताया कि वह 12 दिन पहले घर से गायब हो गई थी। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। 
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देहरादून पुलिस की हिरासत में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देहरादून में बस में किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद देहरादून पुलिस ने पीड़िता से पूछताछ कर मुरादाबाद पुलिस के अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बाद मूंढापांडे थाने की पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया। पीड़िता के पिता ने बताया कि उसकी बेटी 12 दिन पहले घर से निकली थी।

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उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती है। देहरादून आईएसबीटी पर खड़ी रोडवेज बस में किशोरी के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद उत्तराखंड पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। देहरादून के पटेल नगर थाने की पुलिस ने पीड़ित किशोरी से पूछताछ के बाद मुरादाबाद पुलिस से संपर्क किया।

जानकारी मिलने के बाद मुरादाबाद एसएसपी ने देहरादून के पुलिस अधिकारियों से जानकारी ली। पता चला कि पीड़िता मूंढापांडे थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। पीड़िता अपने माता-पिता के साथ रहती है। उसका बड़ा भाई रामपुर जिले में मजदूरी करता है।
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ग्राम प्रधान ने बताया कि किशोरी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती है। बेटी की हालत ठीक न होने से माता-पिता की भी मानसिक रूप से परेशान रहते हैं। पिता ने बताया कि पहले भी कई बार उसकी बेटी बिना बताए ही घर से जा चुकी है।

ग्राम प्रधान किशोरी के परिजनों को लेकर देहरादून रवाना हो गए। किशोरी की देहरादून में सीडब्ल्यूसी काउंसलिंग कर रही है। देहरादून पुलिस के अनुसार, पहले किशोरी ने अपना पता पंजाब का बताया था, लेकिन रविवार को उसने मुरादाबाद के मूंढापांडे का पता बताया।

वारदात के बाद भी दिल्ली रूट पर दौड़ रही थी बस

देहरादून आईएसबीटी पर हुए सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण में सीएनजी बस की फोरेंसिक जांच की जाएगी। फोरेंसिक टीम जांच के दौरान बस से सबूत जुटाएगी, लेकिन यह सब कुछ इतना आसान नहीं होगा। दरअसल जिस सीएनजी बस में सामूहिक दुष्कर्म की वारदात हुई, वह बस घटना के बाद भी लगातार देहरादून-दिल्ली रूट पर चलाई जा रही थी।

इस दौरान बस की सफाई भी की गई। इससे साक्ष्यों के प्रभावित होने की आशंका है। गौरतलब है कि अब तक की जांच में सामने आया है कि आईएसबीटी परिसर में 12 अगस्त की रात सीएनजी बस संख्या यूके 07 पीए 5299 में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म किया गया। उसी रात किशोरी को सीडब्ल्यूसी के बूथ में पहुंचाया गया। यहां से उसे पुलिस की जनरल डायरी में सूचना दर्ज कराकर बालिका निकेतन भिजवाया गया।

अगले ही दिन काउंसलिंग में बालिका ने सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का खुलासा किया, लेकिन इसके बाद भी संबंधित बस के संचालन को रोका नहीं गया। 13 अगस्त से लेकर 17 अगस्त तक यह सीएनजी बस देहरादून से दिल्ली के बीच दौड़ती रही। इस बीच कई बार बस की धुलाई-सफाई भी की गई।

17 अगस्त को जब मुकदमा दर्ज हो गया, इसके बाद पुलिस ने बस की तलाश की। चालक बस को दिल्ली ले जाने की तैयारी में था, तभी उसे रोक लिया गया। बस को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। एक अन्य वॉल्वो बस नंबर यूके 07 पीए 3999 भी संदेह के घेरे में है।
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इसके हेल्पर पर सामूहिक दुष्कर्म मेें शामिल होने का आरोप है। यह भी बताया जा रहा है कि इस बस का प्रयोग भी वारदात के दौरान किया गया। यह बस भी घटना के बाद से लगातार देहरादून-ऋषिकेश होते हुए दिल्ली के लिए चल रही थी।

घटना के बाद से लगातार इसमें सवारियां ले जाई जा रही थीं। मुकदमा दर्ज होने के बाद भी यह बस सवारियों को लेकर निकली हुई थी। पुलिस ने फोन कर जानकारी ली तो पता चला कि बस ऋषिकेश में है। इस बस को ऋषिकेश से वापस बुलाया गया।
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