रामपुर की पूर्व सांसद एवं अभिनेत्री जयाप्रदा पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र सोमवार को अदालत में पेश किया। इस पर सुनवाई के बाद आदेश के लिए तारीख 27 अक्तूबर (बुधवार) लगा दी गई है।
रामपुर के सिविल लाइंस थाने में जून 2019 में सपा नेता और रामपुर के लोकसभा सांसद आजम खां, रामपुर नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष अजहर खान, अब्दुल्ला आजम, सपा नेता और मुरादाबाद के लोकसभा सांसद डा. एसटी हसन, फिरोज खान व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसमें आरोप लगाया था कि मुरादाबाद के कटघर थानाक्षेत्र स्थित मुस्लिम डिग्री कालेज में आयोजित कार्यक्रम में जयाप्रदा के ऊपर अभद्र टिप्पणी की गई है। इस मामले की विवेचना रामपुर क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी, जिसकी चार्जशीट एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट पुनीत गुप्ता की अदालत में पेश की जा चुकी है।
विशेष लोक अभियोजक मोहनलाल विश्नोई ने बताया कि सोमवार को मुरादाबाद के सांसद एसटी हसन, समारोह के आयोजक आरिफ व सपा नेता फिरोज खान की ओर से अदालत में डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। इसमें कहा गया कि उन पर लगे सभी आरोप गलत हैं। घटना से उनका किसी प्रकार का वास्ता नहीं है। डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए विशेष लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि आरोपी मौके पर उपस्थित थे और आरोपी सपा सांसद डॉ. एसटी हसन की आवाज का नमूना भी अदालत में पेश किया जा चुका है। सभी आरोपी इस मामले में सहभागी हैं। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आदेश के लिए अगली तारीख 27 अक्तूबर लगा दी है।