सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की अवंतिका कॉलोनी में अभिषेक टंडन पीजी चलाते हैं। उनके पीजी का कार्य वेदप्रकाश उर्फ ओम देखते हैं। वेदप्रकाश ने बताया कि 7 सितंबर को उनके पीजी में रूम के लिए कपिल देव सिंह (27) निवासी अजीतपुर उदासी, धामपुर, जिला बिजनौर ने रहने के लिए कमरा बुक कराया था। उसने यह भी बताया था कि वह रूद्रपुर की एक फैक्टरी में काम करता है और उसी के कार्य के लिए मुरादाबाद भी आना लगा रहता है।
शनिवार रात उसने खाना खाया था, लेकिन सुबह नाश्ता नहीं लिया। दोपहर में भी उसके कमरे के पास पहुंच आवाज लगाई तो अंदर से कोई आवाज नहीं आई। इस पर उसने सोचा कि कपिल सो रहा होगा। शाम चार बजे भी कपिल जब चाय लेने नहीं आया तो केयर टेकर ओम को इसकी चिंता हुई। पीजी स्वामी अभिषेक ने बताया कि इस पर ओम उसके कमरे के पास गया और आवाज लगाई तो अंदर से कोई उत्तर नहीं मिला। कमरे का दरवाजा देखा तो उसके दोनों पट बंद थे, लेकिन अंदर से लॉक नहीं था। ओम ने पीजी में रह रहे एक अन्य युवक के साथ उसके कमरे में जाकर देखा तो कपिल कमरे में नहीं दिखाई दिया। पास में ही बाथरूम है, जिसका दरवाजा अंदर से बंद था।
केयर टेकर ने बाथरूम का दरवाजा खटखटाया और आवाज लगाई, लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला। उसने इसकी सूचना पीजी के मालिक अभिषेक टंडन व 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बाथरूम का दरवाजा तोड़ा तो कपिल का शव शावर से गमछे के सहारे लटका मिला। पुलिस ने कपिल के कमरे की तलाशी ली, जहां उसका मोबाइल मिला है। पुलिस उसकी मौत से जुड़ी जानकारी के लिए कॉल डिटेल खंगाल रही है।
सूचना पर सिविल लाइंस थाना प्रभारी सहंसवीर सिंह, सीओ सिविल लाइंस इंदू सिद्धार्थ और एसपी सिटी अमित आनंद मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी की। वहीं, घटना की सूचना उसके परिजनों को दी गई, जिस पर वह देर शाम मुरादाबाद पहुंच गए।
दो माह पहले भी रह गया था
पीजी स्वामी अभिषेक टंडन ने बताया कि कपिल इससे पहले जून माह में भी यहां आया था। उस दौरान वह दो माह तक उनके पीजी में रहा था। पूर्ण भुगतान कर वह गया था। उस दौरान कपिल से किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं रही। इस बार पांच दिन पहले कपिलद यहां आया था, लेकिन एडवांस पैसा नहीं जमा किया। उसने पैसा और आईडी एक साथ कुछ दिन बाद देने की बात केयर टेकर से कही थी। पहले वह रह चुका था, लिहाजा केयर टेकर ने उसे बिना एडवांस जमा किए रहने दिया।