मुरादाबाद। धीरे-धीरे ‘बीमार’ हो रहे जिला अस्पताल को विशेषज्ञ चिकित्सकों की दरकार है। छह डॉक्टरों के ट्रांसफर और दो डॉक्टरों के सेवानिवृत्त होने से जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। अस्पताल के तीन विभागों की स्वास्थ्य सेवाएं ठप हैं। अस्पताल में शरीर के करीब सात अंगों को इलाज नहीं हो रहा है, जबकि इन अंगों के इलाज के लिए अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनके पद रिक्त हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की बजाए मरीज स्टाफ से चिकित्सकीय परामर्श ले रहे हैं।
जिला अस्पताल के छह डॉक्टरों का दूसरे जिलों में ट्रांसफर कर दिया गया है। इसमें बाल दो बाल रोग विशेषज्ञ, दो एनस्थेटिस्ट, एक दंत रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट शामिल हैं। रेडियोलॉजिस्ट को छोड़कर पांच डॉक्टरों को जिला अस्पताल से रिलिव भी कर दिया गया है। इसके अलावा फिजिशियन और ईएनटी विशेषज्ञ सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसमें जिला अस्पताल के सात विशेषज्ञ डॉक्टर कम हो गए हैं। इसके चलते फिजिशियन, ईएनटी और दंतरोग विभाग की सेवाएं ठप हो गई है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। इन विभागों से जुड़े शरीर के सात अंगों का इलाज नहीं अस्पताल में नहीं हो पा रहा है। ऐसे में मरीज निजी अस्पतालों की दौड़ लगाने को मजबूर हैं। या फिर जिला अस्पताल की जुगाड़ की व्यवस्था से चिकित्सकीय परामर्श ले रहे है।