Couple and two sons imprisoned for ten years for dowry death
मुरादाबाद। अदालत ने दहेज हत्या के मामले में मंगलवार को दंपती और दो बेटों को दस- दस साल की सजा सुनाई है। दोषियों पर आठ-आठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
बिलारी के लालाटीकर गांव निवासी मुन्ने ने अपनी बेटी मुनीजा का निकाह गांव के सलाकत से किया था। 30 अगस्त 20 12 को मुनीजा की ससुराल में मौत हो गई थी।
आरोप है कि सलाकत व परिजनों ने दहेज न मिलने पर मुनीजा को गले में रस्सी का फंदा डालकर हत्या की थी। ससुराल वालों ने दहेज में चालीस हजार रुपये और बाइक की मांग की थी। बिलारी थाने में दहेज हत्या का केस दर्ज किया गया था। जिसकी विवेचना बिलारी के तत्कालीन सीओ पंकज पांडेय ने की थी।
केस की सुनवाई एफटीसी-1 योगेंद्र चौहान की अदालत में हुई। सरकार की ओर से एडीजीसी अशोक यादव ने पक्ष रखा। अदालत में आठ गवाह पेश हुए। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपियों ने दहेज नहीं मांगा था। कोर्ट ने मामले में साक्ष्य के आधार पर आरोपियों को दोषी करार दिया। महिला के पति सलाकत, ससुर फिरासत, सास भूरी और देवर विरासत को दस-दस साल की सजा सुनाई। अदालत ने मृतका के परिजनों को जुर्माने में से आधी रकम देने के भी आदेश दिए हैं।