कोरोना संक्रमण की आशंका के बाद 31 मरीजों की जांच की गई। राहत की बात यह है कि सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सीएमओ का कहना है कि संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए जिला अस्पताल की एमसीएच विंग में 35 बेड तैयार किए गए हैं। इसके साथ ही जीनोम सिक्वेंसिंग के सैंपल लखनऊ पहुंच गए हैं।
डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जब तक बहुत ज्यादा जरूरी न हो तो भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में जाने से बचें। नए साल को मनाने के लिए लोग बाहर घूमने के लिए जाते हैं तो उन्हें विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनकर ही जाएं। सैनिटाइजर का भी इस्तेमाल करें। गुनगुना पानी पीएं। साफ-सफाई पर खास ध्यान दें।
जिला अस्पताल में सबसे ज्यादा मरीज खांसी, जुकाम, बुखार और सीओपीडी के आ रहे हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि बुजुर्गों में लंबी खांसी के मरीजों को अटैक हो रहे हैं। पांच साल तक के बच्चों को निमोनिया हो रहा है। प्रतिदिन जिला अस्पताल की ओपीडी 12 सौ के आसपास है।
खांसी, जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या करीब तीन सौ है। सांस, सीओपीडी और दमा के मरीजों को यदि लगता है कि उनकी बीमारी में नियंत्रण नहीं है तो उनकी डोज समायोजित की जा रही है। ऐसे मरीजों को सुबह के समय घर से बाहर न निकलने, हाथ के पंजे, पैर, नाक, कान और सिर को ढक कर रखने की सलाह दे रहे हैं।