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सर्द हवाओं से ठिठुरन बढ़ी, जिंदगी हुई बेहाल

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मुरादाबाद। उत्तर पश्चिमी सर्द हवाओं से मैदानी क्षेत्रों में लोगों की जिंदगी बेहाल है। शाम होते ही पारा लुढ़कने से गलन और बढ़ रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मंगलवार तक ठिठुरन बनी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस रहा।
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पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि मंगलवार तक शीतलहर चलने के अलावा सुबह के समय कोहरा छा सकता है। कहीं-कहीं पारा गिरने की संभावनाएं हैं। पहाड़ों पर तीन हजार मीटर की ऊंचाई पर बर्फबारी हो रही है। इसकी वजह से वहां से आ रही हवा बहुत अधिक ठंडी चल रही है। यही वजह है कि दिन के तापमान में भी गिरावट आई है। पारा गिरने से आलू की पत्तियां काली पड़ जाती हैं। किसानों द्वारा फसल को बचाने के लिए हल्की सिंचाई की जा सकती है। दुधारू पशुओं को ठंड से बचाने के लिए जमीन पर पुआल बिछाएं और पशुओं को बोरे ओढ़ाकर रखें। रविवार को सुबह से ही धूप खिलने लगी थी, लेकिन तपिश बहुत ज्यादा महसूस नहीं हो रही थी। सर्द हवाओं के चलने के कारण धूप में भी सिरहन महसूस हो रही थी।
अस्पताल आने वाले 50 फीसदी बच्चे ठंड से पीड़ित
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वीर सिंह ने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 150 बच्चे उपचार के लिए आते हैं। इसमें से 50 फीसदी बच्चे ठंड के शिकार हैं। ठंड लगने से उन्हें रोटा वायरस डायरिया और ब्रोंक्यूलाइटिस की समस्या हो रही है। कुपोषित बच्चे हाइपो थर्मियां का शिकार हो रहे हैं, जिससे बच्चों में नीले पड़ने की समस्या होती है। इसलिए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाने के अलावा पर्याप्त रूप से ढककर रखें। बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी देने के अलावा मौसमी फलों का सेवन कराएं और ताजा खाना खिलाएं।
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