मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आजम के गढ़ में हुंकार भरी। उन्होंने बिना नाम लिए आजम खां पर निशाना साधा। कहा कि रामपुर की विरासत को नष्ट करने की कोशिश की गई। गरीबों की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि रामपुर के लोगों ने धैर्य के साथ अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी। इसके लिए उन्हें बधाई।
मुख्यमंत्री बनने के बाद सोमवार को तीसरी बार रामपुर आए योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत देश की विरासत पर चर्चा से की। कहा कि दुनिया की सबसे प्राचीन विरासत की सुरक्षा करना हमारा दायित्व है। अनुच्छेद 370 को समाप्त करना और अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण विरासत को सुरक्षित करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
उन्होंने कहा कि हमारे पर्व-त्योहार इस विरासत के अंग हैं। यह विरासत कुछ लोगों को अच्छी नहीं लगती है। रामपुर में भी विरासत को नष्ट करने की कोशिश की गई। ऐसी कोशिशें कामयाब नहीं देंगे। उन्होंने प्रदेश में भूमाफिया पर सख्त कार्रवाई की चर्चा में रामपुर का नाम खासतौर पर लिया।
कहा कि रामपुर में भी 640 हेक्टेयर जमीन मुक्त कराई गई है। हालांकि उन्होंने सांसद आजम खां या किसी अन्य का नाम नहीं लिया, लेकिन माना जा रहा है कि उनका इशारा आजम खां की ओर था। आजम खां के खिलाफ दर्ज एक सौ से अधिक मुकदमों में 50 से अधिक मुकदमों में वह जमीन पर कब्जा करने के आरोपी है। कुछ मुकदमों में उन पर कब्जा करते समय बुलडोजर चलवाने का भी आरोप है। प्रदेश के भूमाफिया की सूची में भी उनका नाम शामिल किया जा चुका है।