नफरती भाषण के एक और मामले में सीतापुर जेल में बंद सपा नेता आजम खां पर आरोप तय कर दिए गए हैं। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट ट्रायल कोर्ट में बुधवार को यह आरोप तय किए गए हैं। इस दौरान सपा नेता जेल से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए जुड़े। अब इस मामले की सुनवाई 22 दिसंबर को होगी।
भोट थाना क्षेत्र के मनकरा गांव में नौ अप्रैल 2019 को लोकसभा चुनाव के दौरान एक जनसभा का आयोजन किया गया था, जिसमें सपा नेता आजम खां ने नफरती भाषण दिया था। जिस पर उनके खिलाफ भोट थाने में दो वर्गों में वैमनस्यता पैदा करने और राष्ट्रीय एकता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की तफ्तीश के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। यह मामला इस वक्त कोर्ट में विचाराधीन है।
इस मामले में बुधवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट ट्रायल कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सपा नेता आजम खां सीतापुर जेल से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए जुड़े। कोर्ट ने उनके खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। साथ ही गवाहों को नोटिस जारी करते हुए 22 दिसंबर को तलब किया है। एपीओ नीरज कुमार ने बताया कि बुधवार को इस मामले में आरोप तय कर दिए गए हैं। इस मामले की सुनवाई 22 दिसंबर को होगी।