फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोटिस देकर पूर्व डीएचओ को बुलाया, खुद चले गए वीआईपी ड्यूटी

विज्ञापन
विज्ञापन
उद्यान विभाग की निष्क्रिय समितियों के फर्जी पदाधिकारियों को उर्वरक लाइसेंस जारी कर करोड़ों का व्यवसाय कराने के मामले में शुक्रवार को तत्कालीन जिला उद्यान अधिकारी (डीएचओ) सुनील कुमार के मुरादाबाद पहुंचने के बावजूद बयान नहीं हो सके। वजह यह रही कि जिस जांच अधिकारी ने उन्हें यहां बयान के लिए बुलाया था वह स्वयं वीआईपी ड्यूटी में लखनऊ चले गए। वहीं अयोध्या के भूमि संरक्षण अधिकारी (तत्कालीन जिला कृषि अधिकारी) डॉ. सुभाष नोटिस के बाद भी बयान देने मुरादाबाद स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय नहीं पहुंचे। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने इन अधिकारियों के साथ ही जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के कुछ कर्मचारियों को भी बयान के लिए जल्द बुलाने की बात कही है।
विज्ञापन

कई निष्क्रिय उद्यान समितियों के फर्जी पदाधिकारियों को कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से उर्वरक लाइसेंस जारी किया था। जिसके आधार पर जिले के कई स्थानों पर उर्वरक व्यवसाय किया जाता रहा। यह लाइसेंस तत्कालीन जिला कृषि अधिकारी डॉ. सुभाष के हस्ताक्षर से जारी किए गए थे। उन अभिलेखों के आधार पर कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से आरोपी कई साल तक उर्वरक व्यवसाय करते रहे। अमर उजाला में इस मामले को लगातार परत दर परत उजागर करने के बाद तत्कालीन डीएम राकेश कुमार के निर्देश पर 18 उर्वरक लाइसेंस निरस्त किए गए तथा तीन प्राइवेट लोगों के खिलाफ जिले के पांच थानों में एफआईआर दर्ज करा अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली थी। आरोप है कि इस मामले में कृषि विभाग के अधिकारियों ने अपनों को बचा लिया था। सूत्र बताते हैं कि क्राइम ब्रांच की जांच में कृषि विभाग के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी अब रडार पर हैं। इसी कड़ी में जांच अधिकारी फूलचंद्र शर्मा ने पूर्व में यहां तैनात रह चुके तत्कालीन जिला कृषि अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र वर्मा (अब फैजाबाद में भूमि संरक्षण अधिकारी) को नोटिस भेज कर बयान के लिए तलब किया था। साथ ही इस मामले के संज्ञान में आने के बाद डीएम व जिला कृषि अधिकारी को पत्र लिखने वाले तत्कालीन डीएचओ सुनील कुमार (अब निदेशालय लखनऊ में तैनात) को भी नोटिस जारी कर बयान के लिए शुक्रवार पुलिस लाइन कार्यालय बुलाया था।
इस पर तत्कालीन डीएचओ सुनील कुमार व कुछ समितियों के पदाधिकारी बयान के लिए पुलिस लाइन स्थित कार्यालय शुक्रवार को पहुंचे तो पता चला कि जांच अधिकारी फूलचंद्र वर्मा लखनऊ में वीआईपी ड्यूटी पर चले गए हैं। इसके चलते उनके बयान नहीं हो सके। बाद में तत्कालीन डीएचओ व कुछ समिति पदाधिकारियों अजीमुश्शान, रफीउद्दीन आदि ने एएसपी क्राइम ब्रांच अशोक कुमार से मुलाकात की। समिति पदाधिकारियों ने अपनी पीड़ा बयान की। जिस पर एएसपी ने निष्पक्ष जांच व कार्रवाई का उन्हें भरोसा दिलाया। फैजाबाद के भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र वर्मा अथवा कृषि विभाग की ओर से कोई कर्मचारी व अधिकारी विभाग की ओर से बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा।
विज्ञापन

पूर्व में यहां तैनात रह चुके जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार बयान के लिए आए थे। लेकिन जांच अधिकारी के वीआईपी ड्यूटी पर चले जाने के कारण उनके बयान नहीं हो सके। पूर्व में जिला कृषि अधिकारी के पद पर तैनात रहे डॉ. सुभाष चंद्र वर्मा को भी बयान के लिए बुलाया गया था। लेकिन वह शुक्रवार नहीं पहुंच सके। कृषि विभाग के कुछ अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को बयान के लिए बुलाया जाना है। जल्द ही उन्हें नोटिस जारी कर बुलाया जाएगा।
विज्ञापन

अशोक कुमार सिंह, एएसपी क्राइम ब्रांच
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें